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West Bengal Polls: सीएम ममता के CRPF को कथित धमकी वाले वीडियो पर बवाल, चुनाव आयोग ने CEO से मांगी जांच रिपोर्ट

Sat, 28 Mar 2026 01:00 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। चुनाव आयोग ने उनके कथित धमकी वीडियो की जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। वीडियो में ममता बनर्जी सभी महिलाओं से मतदान केंद्र पर रहने और जरूरत पड़ने पर घरेलू रसोई उपकरण इस्तेमाल करने की बात करती दिख रही हैं।

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पश्चिम बंगाल चुनाव - फोटो : PTI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम का समय शेष रह गया है। ऐसे में जारी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति और बढ़ते सियासी गर्माहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से एक रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट उस वीडियो पर आधारित है जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मचारियों को कथित रूप से धमकी देते हुए दिखाया गया है।

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चुनाव आयोग को मिले और सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में चल रहे इस वीडियो में सीएम ममता सभी महिलाओं से मतदान केंद्र पर रहने की अपील करती हुईं नजर आ रही हैं। वीडियो में वो कहतीं हैं कि सभी महिलाएं और लड़कियां मतदान केंद्र पर रहें और जरूरत पड़ने पर घरेलू रसोई उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी हालात से निपटने के लिए किया जा सकता है। इसके बाद चुनाव आयोग अब सीईओ से वीडियो की सत्यता जांचकर रिपोर्ट देने को कह चुका है, जिससे चुनावी माहौल और संवेदनशील हो गया है।

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अब समझिए क्या है पूरा मामला

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चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि दार्जिलिंग के नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल का मैदानमें हुए कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने सभी महिलाओं और लड़कियों से मतदान केंद्र पर रहने की अपील की और जरूरत पड़ने पर घरेलू रसोई उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी हालात से निपटने के लिए करने की बात कही। इसके बाद जब आरोप-प्रत्यारोप तेज हुआ तब आयोग ने सीईओ को निर्देश दिया है कि वह वीडियो की सत्यता की जांच कर रिपोर्ट सौंपें। सीईओ इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी से भी जांच करवाएंगे।

पुलिस अधिकारियों के लिए भी निर्देश
इसके साथ आयोग ने चुनाव को मद्देनजर रखते हुए पुलिस अधिकारियों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने सभी पुलिस अधिकारियों, स्टेशन अधिकारियों से लेकर SDPOs तक की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया है। निर्देशों में कहा गया है कि सभी पुलिस अधिकारी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का सख्ती से पालन करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के अनुसार पुलिस को राजनीतिक हिंसा के इतिहास वाले संदिग्धों की सूची तैयार करनी होगी और उनके खिलाफ रोकथाम की कार्रवाई करनी होगी।

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और क्या-क्या तैयारी है?
जारी निर्देश के अनुसार चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवारों, सार्वजनिक सभाओं, रोडशो और मोर्चों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। होटल, लॉज और धार्मिक स्थलों की नियमित जांच करनी होगी ताकि कोई असामाजिक गतिविधि न हो। इतना ही नहीं राज्य और जिलों की सीमा पर 24 घंटे नाका जांच और CCTV निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, प्रमुख मार्गों और चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहना चाहिए। उपविभागीय पुलिस अधिकारियों को जांच तेजी से पूरी करनी होगी, चार्जशीट दाखिल करनी होगी, भगोड़ों के लिए लुकआउट नोटिस जारी करना होगा और पड़ोसी जिलों के साथ खुफिया जानकारी साझा करनी होगी।

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