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West Bengal: अभिषेक बनर्जी के घर तड़के 3 बजे पुलिस ने मारा छापा, टीएमसी का आरोप- ताला तोड़कर घुसे पुलिसकर्मी

Sat, 13 Jun 2026 09:05 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, कोलकाता

सार

टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर केंद्रीय बलों और पुलिस की एक बड़ी टीम ने तड़के 3 बजे छापेमारी की। इसके बाद से बंगाल की सियासत में हलचल मची हुई है। टीएमसी का आरोप है कि पुलिस टीम जबरन अभिषेक बनर्जी के घर घुसी। छापेमारी की खबर सुनकर ममता बनर्जी भी तुरंत मौके पर पहुंचीं। 
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अभिषेक बनर्जी के घर छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार तड़के उस समय हलचल मच गई, जब पुलिस और केंद्रीय बलों की एक बड़ी टीम ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर छापेमारी की। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एक थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में की गई। यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।
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तड़के 3 बजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस टीम
रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों समेत कई पुलिसकर्मी शनिवार सुबह करीब तीन बजे बनर्जी के आवास पर पहुंचे। छापेमारी के दौरान केंद्रीय बलों के जवानों ने घर के बाहर मोर्चा संभाल लिया, जबकि पुलिस अधिकारियों ने आवास के भीतर दाखिल होने की कोशिश की। पुलिस अभिषेक बनर्जी के कार्यकारी सहायक सुमित रॉय की तलाश में पहुंची थी, जो एक मामले में फरार बताए जा रहे हैं।
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छापेमारी के दौरान क्या-क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर के सलबोनी थाने की टीम, एक डीएसपी के नेतृत्व में और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के साथ, शनिवार सुबह करीब 3 बजे दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची। इसके कुछ ही देर बाद स्थानीय कालीघाट थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी शामिल थीं, ने पहले कई बार घर का दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर टीम बाहर इंतजार करती रही। करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद पुलिस ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मदद से प्रवेश द्वार का ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया।

ताला तोड़कर घर में घुसने का आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने ताला तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई चार घंटे से अधिक समय तक चली। सुबह के समय भी पुलिसकर्मी आवास के भीतर मौजूद रहे। कई अधिकारियों को घर से बाहर निकलकर आपस में चर्चा करते और फिर दोबारा अंदर जाते देखा गया। आवास से बाहर आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ताला तोड़कर पूरे घर की तलाशी ली।

ये भी पढ़ें- West Bengal: तृणमूल का अस्तित्व बना यक्ष प्रश्न, पार्टी की दुर्गति के खलनायक बने भावी युवराज अभिषेक बनर्जी

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर
छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

लगातार तीन दिनों तक जांच एजेंसियों के सामने होंगे पेश
अभिषेक बनर्जी को 14, 15 और 16 जून को तीन अलग-अलग मामलों में दो जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होना है।
  • 14 जून: राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर कुछ टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित गड़बड़ी के मामले में सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ होनी है। गौरतलब है कि इस मामले में गुरुवार को भी अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने पेश हुए थे और उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ हुई थी। 
  • 15 जून: बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले (कैश-फॉर-स्कूल-जॉब) मामले में प्रवर्तन निदेशालय के साल्ट लेक कार्यालय में पेशी।
  • 16 जून: विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़े मामले में फिर सीआईडी पूछताछ करेगी।
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सागरिका घोष ने बताया 'राजनीतिक प्रतिशोध'
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर शनिवार तड़के हुई पुलिस छापेमारी को लेकर केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध, डराने-धमकाने और मानसिक उत्पीड़न का उदाहरण बताया। टीएमसी द्वारा साझा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट में सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, खासकर उन नेताओं को जो भाजपा के दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं।

घोष ने अपने पोस्ट में लिखा, '13 जून की सुबह 3 बजे पुलिस अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची। सुबह 5 बजे ताले तोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को बुलाया गया। सुबह 6:30 बजे दूसरी मंजिल से लेकर छत तक करीब 90 मिनट तक तलाशी ली गई। नतीजा क्या निकला? तलाशी रिपोर्ट में कुछ भी बरामद नहीं हुआ। कोई सबूत नहीं, कोई गड़बड़ी नहीं। सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध, डराने-धमकाने और मानसिक प्रताड़ना।' उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन लोटस' के तहत भाजपा उन सभी नेताओं को निशाना बना रही है जो उसके निर्देशों के आगे समर्पण करने से इनकार कर रहे हैं।
 
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