पश्चिम बंगाल में नोआपाड़ा पुलिस थाने के पास धमाके से दहशत फैल गई। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। एक अन्य घटना दक्षिण 24 परगना जिले की है, जहां झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग के कारणबिजली के तार जल गए। इस कारण रेल सेवा कई घंटे तक ठप रही। जानिए क्या है पूरा मामला
पश्चिम बंगाल के दमदम में नोआपाड़ा थाने के पास तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इससे आसपास रहने वाले निवासियों में दहशत फैल गई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। शनिवार को हुई इस घटना के बारे में स्थानीय जूट मिल में काम करने वाले निवासी राजेश बसफोर ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 10:30 बजे उनके बेटे का फोन आया था। बेटे ने उन्हें बताया कि उनके घर के ठीक पीछे पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पास एक धमाका हुआ है।
विज्ञापन
रिपोर्ट्स के मुताबिक राजेश ने बेटे से पूछा कि धमाका घर के अंदर हुआ या बाहर, तो बेटे ने बताया कि यह पुलिस स्टेशन परिसर के बहुत करीब हुआ था। बसफोर के अनुसार, स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उन्हें बताया गया कि बम निरोधक दस्ते के अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे। हालांकि, जब वह करीब 11 बजे घर लौटे, तो उन्होंने छर्रे छतों और खुले स्थानों पर बिखरे देखे। उनके अनुसार, इन छर्रों की तब तक जांच नहीं की गई थी।
छर्रे मिलने का दावा
राजेश बसफोर ने आरोप लगाया कि धमाके के बाद छर्रे उनके घर और आसपास के इलाकों में गिरे थे। उन्होंने बताया कि इन छर्रों को पुलिस द्वारा तुरंत जांचा नहीं गया। यह घटना पुलिस स्टेशन से इतनी निकटता पर हुई थी। निवासियों ने इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
विज्ञापन
पुलिस की प्रतिक्रिया पर सवाल
बसफोर ने दावा किया कि वह पुलिस स्टेशन गए और लगभग एक घंटे तक इंतजार किया। लेकिन वहां कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वरिष्ठ अधिकारी व्यस्त थे। बसफोर ने सवाल उठाया कि पुलिस स्टेशन के पास ऐसी घटना कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन के इतने करीब रहने के बावजूद निवासी अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग, बिजली के तार जलने से रेल सेवा ठप
एक अन्य घटना में दक्षिण 24 परगना जिले में हुई। आक्रा-संतोषपुर इलाके में शनिवार दोपहर 16 बीघा में फैली झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई। हादसे में करीब 40 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। आग की चपेट में आकर रेलवे की ऊपर से जाने वाली विद्युत आपूर्ति तार भी जल गई। इस वजह से बजबज–सियालदह रेल लाइन पर उपनगरीय रेल सेवा पूरी तरह ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। दमकल विभाग के मुताबिक आग बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात की गई हैं और अन्य गाड़ियां भी भेजी गई हैं। आग लगने के लिए शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट यानी बिजली की खराबी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे पटरी के किनारे बस्ती होने से आग तेजी से फैलती गई और रेलवे पटरी के बिजली के तार तक पहुंची। इस वजह से रेल परिचालन रोकना पड़ा। पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञ दल मौके पर पहुंच गया है और जल्द सेवा बहाल करने की कोशिश की जा रही है।