सरकार का निर्देश- 15 अगस्त तक अप्रयुक्त आवंटित धन का उपयोग करें ग्राम पंचायतें
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया कि वे चालू वित्त वर्ष में 15 अगस्त तक केंद्र की ओर से आवंटित अप्रयुक्त धन का उपयोग करें। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग ने ग्राम पंचायतों को अगले 15 दिनों के भीतर जरूरी ग्रामीण परियोजनाओं के लिए टेंडर को अंतिम रूप देने के के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र ने अब त 2024-25 के वित्तीय वर्ष में राज्य को 3,123 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि दो जुलाई तक आवंटित धन का केवल 27 फीसदी ही खर्च किया गया है। इस साल आम चुनाव मे भी खर्च प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि 103 ब्लॉक इस मामले में पिछड़ गए।
धन का उपयोग विभिन्न ढांचागत कार्यों के लिए किया जाता है, जिसमें ट्यूबवेल लगाने और ग्रामीण सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण शामिल हैं।
बंगाल भर में मनाया गया 'उल्टो रथ' उत्सव
पश्चिम बंगाल में सोमवार को 'उल्टो रथ' (कार वापसी) उत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ और बलराम व देवी सुभद्रा के रथों को खींचा। कोलकाता में अल्बर्ट रोड पर राधाकृष्ण मंदिर पहुंचने से पहले इस्कॉन की ओर से आयोजित शोभायात्रा मध्य और दक्षिण कोलकाता के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी। इस दौरान तीनों देवताओं के रथ खींचने के लिए रस्सियों को छूने के लिए श्रद्धालुओं में धक्का-मुक्की हुई। इस उत्सव में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। उल्टो रथ के मौके पर सात जुलाई को रथयात्रा के नौ दिन बाद महेश (हुगली जिला), महिसादल (पूर्व मेदिनीपुर), बेलघरिया में रथतला (उत्तर 24 परगना), बागबाजार (कोलकाता), जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, इंग्लिश बाजार (मालदा) और राज्य के अन्य हिस्सों में फूले से सजे रथ निकाले गए।
बंगाल अफसरों के खिलाफ लोकसभा समिति के नोटिस पर रोक बढ़ी
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव भगवती प्रसाद गोपालिका, तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार और अन्य शीर्ष नौकरशाहों के खिलाफ लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी समन नोटिस पर लगी रोक सोमवार को 19 जुलाई तक और बढ़ा दी। सचिवालय ने सदन के विशेषाधिकार के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में इन अफसरों के खिलाफ समन जारी किया था।
शीर्ष कोर्ट ने समन के खिलाफ दायर बंगाल के शीर्ष नौकरशाहों की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए लोकसभा सचिवालय और अन्य को 15 अप्रैल को दो सप्ताह का समय दिया था। भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार की शिकायत पर विशेषाधिकार समिति ने अधिकारियों को तलब किया था।