भाजपा विधायकों ने किया वॉकआउट
प्रश्नकाल में भाजपा विधायकों ने शिक्षा क्षेत्र में संकट पर स्थगन प्रस्ताव दिया। जिसे विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने खारिज कर दिया। इस पर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान अध्यक्ष ने अनुशासन भंग करने के आरोप में भाजपा विधायक मनोज उरांव को निलंबित कर दिया। साथ ही भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष को चेतावनी दी। इसके बाद सभी 40 भाजपा विधायक प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप तुलसी के पौधे लेकर सदन से बाहर चले गए।
भाजपाई केवल आरोप लगाना चाहते: ममता
इस पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा नेता केवल अपशब्दों का प्रयोग करना चाहते हैं और निराधार आरोप लगाना चाहते हैं। क्या अब वे यह तय करेंगे कि किसी को क्या पहनना चाहिए, क्या खाना चाहिए या कौन से जूते पहनने चाहिए? क्या वे हुक्म चलाएंगे? मैं पूर्व सांसद के तौर पर मुझे आवंटित 1.5 लाख रुपये की पेंशन स्वीकार नहीं करती। क्या वे मुझे नैतिकता और ईमानदारी सिखाएंगे?
ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे शब्दों पर गौर कीजिए, अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा शून्य पर सिमट जाएगी। लोगों ने आपकी राजनीति को नकार दिया है। भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि एक आधे केंद्रीय मंत्री हैं जिन्हें चप्पलों से प्यार है। वे चप्पलों की दुकानें क्यों नहीं खोलते?