कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष बन गए हैं। ममता बनर्जी सरकार ने सोमवार को उन्हें राज्य का मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने दी। उनके अलावा, राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश शिवकांत प्रसाद को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त किया। ज्योतिर्मय भट्टाचार्य ने गिरीश चंद्र गुप्ता की जगह ली।
सीएम ममता बनर्जी के साथ बैठक में लिया गया फैसला
बिमान बनर्जी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, विधानसभा अध्यक्ष और राज्य संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी सहित एक समिति की एक बैठक में सेवानिवृत्त न्यायामूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला लिया गया। अवकाश प्राप्त न्यायामूर्ति गिरीश चंद्र गुप्ता का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद खाली था। ज्योतिर्मय भट्टाचार्य उनका स्थान लिया।
सुवेंदु अधिकारी ने बैठक में नहीं लिया हिस्सा
हालांकि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी जो समिति के एक अन्य सदस्य हैं वह बैठक में शामिल नहीं हुए।अध्यक्ष ने कहा, पार्थ चटर्जी बीमार होने चलते वर्चुअल मोड में बैठक में शामिल हुए। बिमान बनर्जी के मुताबिक, कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व सेवानिवृत्त जज आशिम रॉय को राज्य का लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। बनर्जी ने आगे कहा, लोकायुक्त की नियुक्ति के संबंध में हुई बैठक में भी सुवेंदु अधिकारी ने भाग नहीं लिया।
मुख्यमंत्री ने किया समर्थन
विधानसभा स्पीकर ने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डब्ल्यूबीएचआरसी के अध्यक्ष के रूप में ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और लोकायुक्त के रूप में न्यायमूर्ति आशिम रॉय के नामों का समर्थन किया। उनके मुताबिक, यह नाम कानून के अनुसार राज्यपाल के पास अनुमोदन लिए जाएंगे जिसके बाद नियुक्ति की जाएगी।