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पश्चिम बंगाल: ममता और अभिषेक बनर्जी के आवास से हटाई गई सुरक्षा? पुलिस ने स्पष्ट की स्थिति

Wed, 06 May 2026 01:43 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।

सार

कोलकाता पुलिस ने बताया कि ममता और अभिषेक बनर्जी के आवास से केवल अतिरिक्त सुरक्षा घटाई गई है, जबकि सामान्य सुरक्षा पूरी तरह जारी है। इसके साथ ही चुनाव बाद हिंसा के बीच शहर में बुलडोजर के इस्तेमाल और बिना अनुमति जुलूसों पर उन्होंने सख्त चेतावनी दी। पढ़िए रिपोर्ट-
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ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवासों से सुरक्षा हटाए जाने की खबरों पर स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि वहां पुलिस कर्मियों की एक अतिरिक्त यूनिट तैनात थी, इसलिए हमने उसे बस कम किया है। हमने किसी भी तरह की सुरक्षा को वापस नहीं लिया है। 

सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार

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उन्होंने कहा 'कुछ लोग सुरक्षा वापस लेने के बारे में बात कर रहे थे। सांसद (अभिषेक बनर्जी) और ममता बनर्जी को जेड+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। जेड+ श्रेणी के लिए सुरक्षा बल की तैनाती येलो बुक में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है। हम जेड+ श्रेणी के सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के लिए येलो बुक में दिए गए निर्देशों के अनुसार ही सुरक्षा बल तैनात कर रहे हैं। इससे अधिक की तैनाती वापस ले ली गई है और हम इसका उपयोग कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर रहे हैं। संक्षेप में, किसी भी प्रकार की सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। सुरक्षा येलो बुक में दिए गए प्रोटोकॉल के अनुसार ही है।'



 

कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद - फोटो : पीटीआई/एक्स/वीडियो ग्रैब
चुनाव के बाद हिंसा को लेकर दी चेतावनी
राज्य में चुनाव के बाद हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच कोलकाता के पुलिस आयुक्त नंदा ने बुधवार को कहा कि जुलूसों में बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई बुलडोजर किराये पर ऐसे कामों के लिए देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। साथ ही उन्होंने बताया कि शहर में सुरक्षा बलों की 65 यूनिट तैनात की गई हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार - फोटो : एएनआई (फाइल)
चुनाव आयोग ने दिया था आदेश
उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा पर बर्दाश्त न करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) लागू करने और तोड़फोड़ व झड़पों में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

न्यू मार्केट में बुलडोजर लेकर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता - फोटो : X/@MahuaMoitra
हिंसा की घटनाओं में दो लोगों की मौत
राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं में मंगलवार को दो लोगों की मौत हो गई थी और कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ हुई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त ने कहा कि विजय जुलूस निकालने के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई हिंसा या डर का माहौल बनाने की कोशिश करेगा, तो पुलिस केंद्रीय बलों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हथियार भी बरामद किए गए हैं।

ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर सीईसी सख्त, हिंसा में शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी के दिए आदेश

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के इंतजाम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
अन्य नेताओं की सुरक्षा की भी समीक्षा
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर की सुरक्षा कम कर दी गई है। पहले उनके आवास के पास लगे कुछ बैरिकेड भी हटाए गए थे। इसके अलावा,फिरहाद हाकिम, अरूप बिस्वास और सुजीत बोस जैसे अन्य नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था समय-समय पर स्थिति के अनुसार बदली जाती है।
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शुभेंदु अधिकारी, भाजपा नेता - फोटो : एएनआई
चुनाव में भाजपा को मिला भारी बहुमत
विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए थे और नतीजे चार मई को घोषित किए गए। भाजपा ने 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हुआ।

हिंसा की घटनाओं के बीच बामनघेरी इलाके में पुलिस टीम पर गोलीबारी की भी खबर सामने आई, जिसमें पुलिस और केंद्रीय बल के जवान घायल हुए। बाद में मौके से बमों से भरा एक बैग भी बरामद हुआ। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को जनादेश मानने से इनकार करते हुए इसे 'साजिश' बताया और इस्तीफा देने से इनकार कर दिया।

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