पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं पर हमले लगातार जारी हैं। अक्तूबर महीने की शुरुआत में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हमला हुआ, फिर 18 अक्तूबर को सांसद राजू बिस्ता पर हमला किया गया। अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अपनी कार पर हमले का दावा किया है। वहीं टीएमसी ने इस पर पलटवार किया है।
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि उनकी कार पर दक्षिण 24 परगना जिले में हमला किया गया। अधिकारी उस इलाके में काली पूजा और दीपावली के कार्यक्रमों में शामिल होने गए थे। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी कार को कम से कम सात जगहों पर रोका गया और लालपुर मदरसा के सामने हमला हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि इस हमले के पीछे टीएमसी जिला परिषद की सदस्य रेखा गाजी और एसपी कोटेश्वरा राव का हाथ है।
हमलावर अधिकतर अवैध प्रवासी थे- भाजपा नेता
शुभेंदु अधिकारी ने बताया, 'मैं किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं जा रहा था, बल्कि हिंदू त्योहारों में शामिल होने जा रहा था।' उन्होंने कहा कि हमलावर अधिकतर अवैध प्रवासी थे, जो एसआईआर प्रक्रिया के कारण अपनी स्थिति को लेकर चिंतित थे। हमलावरों ने नारे भी लगाए जैसे 'जॉय बंगला'।
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शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
हालांकि इन सब के बावजूद उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखी और काली पूजा पंडालों का उद्घाटन किया। केंद्रीय बलों ने रास्ते साफ किए। अधिकारी ने कहा, 'यह इलाका बांग्लादेश के पास है, इसलिए कुछ अवैध प्रवासी यहां बस गए हैं, टीएमसी के सहयोग से। क्या पश्चिम बंगाल में हिंदू बिना डर के धार्मिक उत्सव में शामिल नहीं हो सकते? मुझे डराया नहीं जा सकता, मैं जगद्धात्री पूजा में भी वापस आउंगा।'
घटना पर आरोप-प्रत्यारोप तेज
वहीं टीएमसी के प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ लोगों ने विरोध किया क्योंकि वे भाजपा से नाराज हैं। उन्होंने कहा, 'ये गरीब लोग भाजपा की केंद्र सरकार की तरफ निधियों के हनन के कारण परेशान हैं। बंगाल के हर गांव, बाजार और गली में लोग अपने गुस्से का प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा नेताओं को ऐसे विरोध का सामना हर जगह करना होगा।' केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि इस तरह की घटनाएं भाजपा नेताओं को हतोत्साहित नहीं करती, बल्कि उनके हौसले को और बढ़ाती हैं।