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ममता पर भारी मजहब की दीवार: 25 साल बाद परिवार से मिली महिला, धर्म के चलते बेटे ने साथ रखने से किया इनकार

Tue, 24 Feb 2026 12:55 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

धर्म इंसान की आध्यात्मिक उन्नति के लिए होता है। लेकिन एक मामला ऐसा सामने आया है, जहां धर्म इंसानी रिश्ते में दरार की वजह बन गया। दरअसल एक युवक ने 25 साल से लापता अपनी मां को सिर्फ इसलिए अपनाने से इनकार कर दिया क्योंकि उसकी मां ने ईसाई धर्म अपना लिया था। 
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झारखंड की घटना - फोटो : एआई जेनरेट इमेज
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विस्तार
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25 साल बाद अपने परिवार से मिली महिला को उसके परिवार ने सिर्फ इसलिए अपनाने से इनकार कर दिया क्योंकि महिला ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। महिला के बेटे ने शर्त रखी कि अगर उसकी मां ईसाई धर्म छोड़कर, हिंदू धर्म अपना ले तो वे उसे अपना सकते हैं। 
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क्या है मामला
  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, झारखंड के गोड्डा जिले की रहने वाली एक महिला 25 साल पहले लापता हो गई थी। करीब 70 वर्षीय महिला अपने पति की मौत के बाद घर से निकल गई और भटककर कोलकाता पहुंच गई, जहां एक शेल्टर होम में उसे आश्रय मिला। महिला बीते 25 वर्षों से कोलकाता के शेल्टर होम में रह रही थी। इस दौरान महिला को मिशनरी के लोग मिले और उन लोगों ने महिला की मदद की, जिसके बाद महिला ने ईसाई धर्म अपना लिया था।
  • शेल्टर होम में महिला अपने परिजनों को याद करती थी तो शेल्टर होम के कर्मचारियों ने महिला के परिवार को खोजने की कोशिश की।
  • किसी तरह से महिला के परिवार को खोज लिया गया और उनकी वीडियो कॉल पर गोड्डा के गांव दहुपनगर में रहने वाले उनके बेटे से बात कराई गई। 
  • हालांकि जब बेटे को पता चला कि उसकी मां ने ईसाई धर्म अपना लिया है तो बेटे ने मां को अपनाने से इनकार कर दिया।
  • बेटे का कहना है कि अगर उसकी मां ईसाई धर्म त्यागकर हिंदू धर्म अपना लेती है तो वह उन्हें अपनाने के लिए तैयार है। हालांकि महिला ने ईसाई धर्म छोड़ने से इनकार कर दिया है। 
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