विपक्षी नेता के आरोपों पर शिक्षा मंत्री ने किया पलटवार
बसु ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य भाजपा के दावों के विपरीत केंद्र ने मिड डे मील योजना के क्रियान्वयन में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, हमारे ट्रैक रिकॉर्ड से प्रभावित होकर केंद्र ने मिड डे मील योजना के लिए ढाई सौ करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केंद्र ने देखा है कि हमारा राज्य बुनियादी ढांचे और कार्यान्वयन के संबंध में सही रास्ते पर है। हमारे पास इस उद्देश्य के लिए अब तक खर्च किए गए हर एक पैसे का विस्तृत ब्यौरा है।
अधिकारी ने लगाया था मिड डे मील के फंड का दुरुपयोग करने का आरोप
इससे पहले दिन में भाजपा नेता अधिकारी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि मिड डे मील फंड का इस्तेमाल बीरभूम जिले के बोगतुई में आग लगने की घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए किया गया था। उन्होंने ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए ट्वीट किया था कि वह मिड डे मील के फंड की हेराफेरी कर रही हैं और गरीब छात्रों के पोषण पर अपनी बुरी नजर डाल रही हैं। उन्होंने कहा था, मैंने माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान को वित्तीय उल्लंघन के बारे में बताया है और उनसे मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और बीरभूम डीएम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है।
'धन का दुरुपयोग करके फोटो खिंचाने के लिए चैरिटी कर रहीं मुख्यमंत्री'
बीरभूम डीएम मुद्दे पर विस्तार से बताते हुए अधिकारी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मिड डे मील के फंड से उन पीड़ितों के परिजनों के पीड़ितों को मुआवजे का भुगतान किया है, जिन्हें बीरभूम जिले के बोगतुई नरसंहार में जिंदा जला दिया गया था। नंदीग्राम के भाजपा विधायक ने ट्वीट में कहा, 'फोटो खिंचवाने के लिए चैरिटी कर रही हैं, वह भी स्कूली बच्चों के भोजन और पोषण के लिए केंद्र सरकार के धन का दुरुपयोग करके! यह एक वित्तीय अपराध है।