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पश्चिम बंगाल में अपना नेटवर्क बढ़ा रहा अल कायदा : राज्यपाल धनखड़

Sat, 09 Jan 2021 06:29 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

  • राज्यपाल ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात, कहा- प्रदेश में बम बनाने का धंधा अनियंत्रित
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अमित शाह और जगदीप धनखड़ - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को राज्य के सुरक्षा माहौल पर चिंता जताई और कहा कि प्रदेश में आतंकी गुट अल कायदा अपना प्रसार कर रहा है। साथ ही अवैध ढंग से बम बनाने का धंधा अनियंत्रित हो गया है। राज्य में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा को देखते हुए उनके बयान को काफी अहम माना जा रहा है। 

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इससे पहले उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। भेंट कर बाहर आने पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट गृहमंत्री को सौंपी है। पश्चिम बंगाल में अल कायदा अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है और बम बनाने का गैरकानूनी काम धड़ल्ले से चल रहा है। पता नहीं प्रशासन आखिर क्या कर रहा है? पश्चिम बंगाल में डीजीपी की हैसियत सबको पता है। वह इसे राजनीतिक पुलिस कहते हैं क्योंकि पुलिस पर पूरी तरह से एक सियासी दल का नियंत्रण है। राज्यपाल पहले भी प्रदेश में कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।  

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल संभवत: पहला ऐसा राज्य है जहां प्रदेश सुरक्षा सलाहकार पूर्व डीजीपी सुरजीत कार पुरकायस्थ हैं, जबकि आंतरिक सुरक्षा के लिए प्रधान सलाहकार वरिष्ठ अधिकारी रीना मित्रा हैं। राज्य में बम बनाने के चलते कई लोगों के हाथ चले गए हैं। हर हफ्ते बम विस्फोट के चलते लोगों की मौत खबरें आती हैं। इसलिए वह जानना चाहते हैं कि इन अधिकारियों का काम क्या है। धनखड़ ने कहा कि प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव प्रदेश के समृद्धि संस्कृति के संरक्षण की दृष्टिकोण से बहुत ही अहम है। राज्य के लोगों के लिए यह बहुत बड़ा मौका है। प्रदेश में हिंसक चुनाव का इतिहास रहा है। ऐसे में मतदाताओं और मीडिया की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। 
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गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 2021 पश्चिम बंगाल में लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आगामी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पंचायत चुनाव, लोकसभा चुनाव रक्तरंजित रहे हैं और नियमों की अवहेलना हुई है। हालांकि उन्होंने गृह मंत्री शाह से क्या चर्चा हुई उसे सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला उन्होंने कहा कि मेरा दिल दुखता है कि संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी करते हुए, 'मां भारती' के एक बच्चे को पश्चिम बंगाल में एक बाहरी व्यक्ति कहा जाता है क्योंकि वह राज्य से संबंधित नहीं है। हम सभी 'मां भारती' के बच्चे हैं और हम अपनी एकता में विश्वास करते हैं। इस भूमि में रहने वाला कोई भी व्यक्ति बाहरी व्यक्ति नहीं हो सकता है।

बंगाल में असुरक्षा का भाव पैदा हो गया है। राज्य में अलकायदा अपना पैर पसार रहे हैं और अवैध बम बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि राज्य में प्रशासन क्या कर रहे हैं। बंगाल के पुलिस महानिदेशक क्या कर रहे हैं ये किसी से छुपा नहीं है।

यह हमारे लिए एक उदाहरण स्थापित करने का समय है ताकि हर मतदाता स्वतंत्र रूप से एक शांतिपूर्ण माहौल में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, जहां हिंसा की कोई भूमिका नहीं हो।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पदभार संभालने के समय से ही कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर धनखड़ की राज्य में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ तकरार चल रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है।

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