राज्यपाल धनखड़ ने एक ट्वीट में लिखा कि संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (2) के उप-खंड (ए) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं 12 फरवरी से पश्चिम बंगाल विधानसभा का सत्रावसान कर रहा हूं।
पश्चिम बंगाल सरकार की सिफारिश के आधार पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार से विधानसभा का सत्रावसान किया। संसद या विधानसभा के सत्र को भंग किए बिना रोकना सत्रावसान करना कहलाता है। धनखड़ ने एक ट्वीट में बताया कि 12 फरवरी से राज्य विधानसभा का सत्रावसान किया गया है। सूत्रों के अनुसार धनखड़ ने ऐसा राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश पर किया है।
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इसे लेकर तृणमलू कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि राज्यपाल ने मंत्रिमंडल की सिफारिश के बाद विधानसभा का सत्रावसान किया है। उन्होंने यह फैसला अपनी पहल पर नहीं लिया है। इसमें कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। 30 जुलाई 2019 को राज्यपाल पद संभालने के बाद से ही जगदीप धनखड़ का राज्य की ममता बनर्जी सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव होता रहा है।