पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पुरबा मेदिनीपुर जिले के समुद्र तट शहर दीघा में 100 करोड़ रुपये की लागत से जगन्नाथ मंदिर तैयार किया जा रहा है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य 2023 तक पूरा हो जाएगा।
मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियां की जाएगी स्थापित
समुद्र तट के पास 20 एकड़ भूखंड पर मंदिर का निर्माण पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा है, जो ओडिशा के पुरी में सदियों पुराने जगन्नाथ मंदिर से मिलता जुलता है। पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता सुमन नियोगी ने कहा कि 65 मीटर ऊंचे मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियां होंगी।
दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण करेगा मंदिर की देखरेख
उन्होंने कहा कि दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण (डीएसडीए) निर्माण पूरा होने पर मंदिर की देखरेख करेगा। नियोगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दीघा में पुरी के समान जगन्नाथ मंदिर बनाने के सपने को साकार करने के लिए लगभग 200 मजदूर काम कर रहे हैं। राजस्थान से लाया गया लाल बलुआ पत्थर से मंदिर को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण इस साल मई में शुरू हुआ था। डीएसडीए दीघा के पास 300 साल पुराने नायकली मंदिर में एक लाइट एंड साउंड शो भी शुरू करेगा। यह पर्यटकों के लिए आर्केषण का केंद्र होगा।
किया जाएगा सौंदर्यीकरण
डीएसडीए के कार्यकारी अधिकारी मानस कुमार मंडल ने कहा कि परिसर में विरासत स्थल के सौंदर्यीकरण के अलावा एक फव्वारा और लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जनवरी 2023 तक ये सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि पहल दीघा-मंदरमानी पर्यटन सर्किट का एक हिस्सा है। मंडल ने कहा कि हम चाहते हैं कि पर्यटक एक से अधिक तरीकों से दीघा-मंदारमणि को देखें।