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शुभेंदु सरकार की बड़ी कार्रवाई: पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद करने का आदेश; सर्वे में मिली क्या कमियां?

Sun, 13 Sep 2026 06:27 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में किए गए सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है और करीब 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों में जरूरी सरकारी मंजूरी और बुनियादी ढांचे की कमी पाई गई। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री क्षुदिराम टुडू ने कहा कि जरूरी मंजूरी वाले मदरसे चलते रहेंगे।
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सर्वे में मंजूरी और बुनियादी सुविधाओं की कमी मिली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में किए गए सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। वहीं, करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन संस्थानों में जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचे की कमी पाई गई है।
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अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री क्षुदिराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरियां हैं, वे चलते रहेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग ने जून की शुरुआत से राज्य के सभी जिलों में सरकारी और निजी मदरसों का क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण कराया था।

बंगाल में किसके आदेश पर शुरू हुआ मदरसों का निरीक्षण?
सर्वेक्षण में मदरसों के बुनियादी ढांचे, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था का आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि करीब 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टुडू ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की संख्या का पता लगाना था।
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मदरसों को लेकर क्या बोले दिलीप घोष? 
मंत्री ने कहा, '252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि 100 अन्य को जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा नहीं होने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।' राज्य के पंचायती राज मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई बार विवाद सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोग ऐसे संस्थानों में शिक्षक के रूप में काम करते पाए गए।

क्या मदरसों में हो रही हैं राष्ट्रविरोधी गतिविधियां?
उन्होंने कहा, 'मदरसों के खिलाफ बार-बार शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामले सामने आए हैं, जब इन संस्थानों से लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियां कर रहे थे।' घोष ने कहा, 'कानून के अनुसार और सरकार की अनुमति से चल रहे मदरसे काम करते रहेंगे। लेकिन सरकार मदरसों को मनमाने तरीके से खोलने और परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं देगी।' विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
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