पश्चिम बंगाल सरकार ने बिधाननगर नगर निगम को भंग करने का फैसला किया है। दरअसल बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने हाल ही में मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद सरकार ने नगर निगम के कामकाज के लिए कमिश्नर को प्रशासक बना दिया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने बिधाननगर नगर निगम (बीएमसी) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है और निगम आयुक्त को प्रशासक नियुक्त किया है। वे निर्वाचित प्रतिनिधियों के कार्यभार संभालने तक निगम के कामकाज की देखरेख करेंगे। यह फैसला बीएमसी की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती के इस्तीफा देने के बाद लिया गया है। कृष्णा चक्रवर्ती ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए गुरुवार को इस्तीफा दे दिया था। सरकार ने कहा कि नागरिक सेवाओं और नगर प्रशासन में किसी भी तरह की बाधा से बचने के लिए प्रशासक की नियुक्ति जरूरी हो गई थी।
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सरकार ने जारी किया आदेश
सरकारी आदेश के मुताबिक, निगम भंग होने से प्रशासनिक रिक्तता पैदा हो गई थी, जिसे जनहित में नागरिक सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए भरना जरूरी था। पश्चिम बंगाल नगर निगम अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत बीएमसी के आयुक्त को तत्काल प्रभाव से प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रशासक को निगम, मेयर-इन-काउंसिल, निगम समितियों और मेयर के सभी अधिकार एवं दायित्व सौंपे गए हैं। यह व्यवस्था अधिकतम छह माह या नए निर्वाचित पार्षदों के कार्यभार संभालने तक, जो भी पहले हो, तब तक लागू रहेगी।
इस बीच, राज्य सरकार ने शनिवार को 2017 बैच की आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा को हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) का नया आयुक्त नियुक्त किया। राणा इससे पहले उत्तर 24 परगना में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थीं।