पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग पूरी तरह से एक्शन मोड में दिखाई पड़ रहा है। दरअसल, चुनाव आयोग ने लापरवाही पर फाल्टा विधानसभा के ज्वाइंट बीडीओ, जो फाल्टा-144 विधानसभा क्षेत्र के एआरओ भी हैं, को हटाने और उनकी जगह पर नई नियुक्ति के लिए राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। वहीं, आयोग ने एनआईए को चुनाव वाले दिन बमबाजी को लेकर अलर्ट भी किया है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रशासनिक बदलाव और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि फाल्टा डेवलपमेंट ब्लॉक में तैनात संयुक्त बीडीओ (ज्वाइंट बीडीओ) सौरव हाजरा, जो 144-फाल्टा विधानसभा सीट के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) भी हैं, उन्हें तुरंत वहां से हटाकर पुरुलिया मुख्यालय भेजा जाए। उनकी जगह राम्या भट्टाचार्य, जो वर्तमान में ओएसडी के पद पर हैं, को फाल्टा में तैनात किया जाए। आयोग का मानना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर ऐसे बदलाव जरूरी हैं।
एनआईए को चुनान आयोग ने दिया विशेष निर्देश
इसके साथ ही आयोग ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भी खास निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह के बम या हिंसक गतिविधियों का इस्तेमाल न होने दिया जाए। यह निर्देश ऐसे समय आया है जब हाल ही में राज्य के कई इलाकों से कच्चे बम बरामद हुए हैं और एक मामूली विस्फोट की खबर भी सामने आई थी।
दक्षिण 24 परगना जिले में भारी संख्या में मिला कच्चा बम
जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में एक व्यक्ति के घर से पुलिस ने बड़ी संख्या में कच्चे बम बरामद किए थे। आरोप है कि वह व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़ा हुआ है। इसके बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी ने कुल 79 कच्चे बम मिलने के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे चरण के मतदान के लिए आयोग की तैयारी
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार किसी भी कीमत पर चुनाव के दौरान या उसके बाद हिंसा नहीं होने दी जाएगी। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही सतर्क कर दिया गया है और संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है। बता दें कि, पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हो चुका है, जबकि दूसरा चरण बुधवार को होना है। आयोग की कोशिश है कि मतदाता बिना डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें और चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।