पश्चिम बंगाल चुनाव में खूनखराबे की आशंका सच साबित होने लगी है। राज्य के उत्तरी 24 परगना जिले में एक भाजपा कार्यकर्ता के घर में घुसकर मारपीट की गई। कार्यकर्ता गोपाल मजुमदार ने आरोप लगाया कि तृणमूल के तीन कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उन्होंने मुझे व मेरी मां को बेरहमी से पीटा। घटना 27 फरवरी को हुई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है।
मजुमदार ने बताया कि तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने मेरे सिर व गले पर हमला किया और घूंसे मारे। चेहरे पर भी तमाचे मारे गए। इससे मैं बुरी तरह घबरा गया। उन्होंने मुझे धमकाया कि इस बारे में किसी को न बताएं। गोपाल मजुमदार ने उनकी मां के साथ भी तृणमूूल कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया।
केंद्रीय बलों के डेढ़ लाख जवान तैनात होंगे
बता दें, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए 1500 कंपनियां यानी कम से कम डेढ़ लाख जवान तैनात किए जाएंगे। राज्य में मौजूदा तनाव को देखते हुए इस बार जवानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ की 800 से अधिक कंपनियां पश्चिम बंगाल में पहुंचेंगी। इसके अलावा बीएसएफ की कंपनियां भी मतदान के दौरान तैनात रहेंगी। उक्त पंद्रह सौ कंपनियों में पश्चिम बंगाल की राज्य सशस्त्र पुलिस 'एसएपी' भी शामिल है।
आठ चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल में इस बार आठ चरणों में मतदान होगा। गत विधानसभा चुनाव सात चरणों में संपन्न हुआ था। पहले चरण का मतदान 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान एक अप्रैल, तीसरे चरण का 6 अप्रैल, चौथे चरण का 10 अप्रैल, पांचवें चरण का 17 अप्रैल, छठे चरण का 22 अप्रैल, सातवां चरण 26 अप्रैल और आठवें चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। अभी तक राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 126 कंपनियां पहुंच चुकी हैं।
हिंसक झड़पों की आशंका
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को लेकर जो इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिल रही हैं, वे चिंताजनक हैं। राज्य के कई इलाकों में चुनाव के दौरान हिंसक झड़पें हो सकती हैं। कुछ जगहों पर बूथ कैप्चरिंग की आशंका है। इन सबके मद्देनजर वहां भारी संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बल और एसएपी के जवान तैनात किए जा रहे हैं।