पांचवें चरण में उत्तर दिनाजपुर जिले की सभी नौ सीटों पर, नदिया जिले की 17 में से नौ सीटों पर, उत्तर 24 परगना की 33 में से 17 सीटों पर और बर्धमान जिले की 24 में से आठ सीटों पर मतदान होगा। इनमें उत्तर दिनाजपुर में लोकसभा की तीनों सीटों पर भाजपा के सांसद हैं। वहीं, नौ विधानसभा सीटों में से छह पर तृणमूल के विधायक हैं, वहीं, सीपीएम, फॉरवर्ड ब्लॉक और कांग्रेस का एक-एक विधायक है। नदिया जिले की बात करें तो यहां की दो लोकसभा सीटों में एक पर भाजपा और एक पर तृणमूल का कब्जा है। वहीं 17 विधानसभा सीटों में तृणमूल के 13, कांग्रेस के दो और लेफ्ट और भाजपा का एक-एक विधायक है।
उत्तर 24 परगना जिले में आने वाली दो लोकसभा सीटों में से एक-एक भाजपा और तृणमूल के पास है। वहीं, जिले की 12 विधानसभा सीटों में नौ पर तृणमूल के विधायक हैं। वहीं, दो विधायक सीपीएम के हैं और एक सीट भाजपा के पास है। बर्धमान जिले में आने वाली तीन लोकसभा सीटों में से एक पर तृणमूल और दो पर भाजपा का सांसद है। वहीं, आठ विधानसभा सीटों में से सात तृणमूल के पास हैं और एक पर लेफ्ट का कब्जा है। माना जा रहा है कि लोकसभा सीटों पर भाजपा और विधानसभा सीटों पर तृणमूल के नियंत्रण के चलते दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त टक्कर रहेगी और इसी के चलते हिंसा की आशंका बढ़ी है।
17 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पांचवे चरण में 45 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान में कुल 1.13 करोड़ मतदाताओं में से 82.49 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। पूर्वी वर्धमान जिले में सबसे अधिक 86.04 फीसदी मतदान हुआ था। इसके अलावा जलपाइगुड़ी में 84.85 फीसदी, नदिया में 84.35 फीसदी, उत्तर 24 परगना में 80.56 फीसदी, दार्जिलिंग में 77.98 फीसदी और कलिमपोंग में 72.57 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था। बता दें कि राज्य में पहले चरण में 84.13 फीसदी, दूसरे चरण में 86.11 फीसदी, तीसरे चरण में 84.61 फीसदी और चौथे चरण के चुनाव में 79.90 फीसदी मतदान हुआ था।