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बंगाल चुनाव: छठे चरण में भाजपा-तृणमूल के बीच वर्चस्व की जंग, हिंसा की आशंका बढ़ी

Tue, 20 Apr 2021 05:23 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

  • 22 अप्रैल को बंगाल में होगा छठे चरण का मतदान
  • चार जिलों की 43 सीटों पर मतदान करेंगे मतदाता
  • केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1071 कंपनियां रहेंगी तैनात
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के आठ में से पांच चरणों का मतदान हो चुका है। छठे चरण का मतदान 22 अप्रैल को होगा। शुरुआती चार चरणों में चुनावी हिंसा की कई घटनाएं हुईं, इनमें कूचबिहार हिंसा में पांच लोगों की मौत तक हो गई थी। वहीं, छठे चरण में चार जिलों की जिन 43 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है वहां लड़ाई वर्चस्व की है। इन जिलों की अधिकांश लोकसभा सीटों पर भाजपा काबिज है तो अधिकतर वर्तमान विधायक सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के हैं। ऐसे में छठे चरण के दौरान भी हिंसा की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग भी इसे लेकर सतर्क है और ऐसी किसी भी घटना से बचने के इंतजाम कर रहा है।

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केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1071 कंपनियां तैनात
निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए छठे चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1,071 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है। बता दें कि  छठे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार सोमवार शाम साढ़े छह बजे समाप्त हो गया था। मतदान सुबह सात बजे से शाम 6.30 बजे के बीच होगा। उत्तर 24 परगना जिले के 17 निर्वाचन क्षेत्रों के अलावा नादिया और उत्तर दिनाजपुर जिलों में नौ-नौ तथा पूर्व बर्द्धमान जिले की आठ सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इसके लिए कुल 14,480 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
 

चार जिलों की 43 विधानसभा सीटों का गणित

पांचवें चरण में उत्तर दिनाजपुर जिले की सभी नौ सीटों पर, नदिया जिले की 17 में से नौ सीटों पर, उत्तर 24 परगना की 33 में से 17 सीटों पर और बर्धमान जिले की 24 में से आठ सीटों पर मतदान होगा। इनमें उत्तर दिनाजपुर में लोकसभा की तीनों सीटों पर भाजपा के सांसद हैं। वहीं, नौ विधानसभा सीटों में से छह पर तृणमूल के विधायक हैं, वहीं, सीपीएम, फॉरवर्ड ब्लॉक और कांग्रेस का एक-एक विधायक है। नदिया जिले की बात करें तो यहां की दो लोकसभा सीटों में एक पर भाजपा और एक पर तृणमूल का कब्जा है। वहीं 17 विधानसभा सीटों में तृणमूल के 13, कांग्रेस के दो और लेफ्ट और भाजपा का एक-एक विधायक है।

उत्तर 24 परगना जिले में आने वाली दो लोकसभा सीटों में से एक-एक भाजपा और तृणमूल के पास है। वहीं, जिले की 12 विधानसभा सीटों में नौ पर तृणमूल के विधायक हैं। वहीं, दो विधायक सीपीएम के हैं और एक सीट भाजपा के पास है। बर्धमान जिले में आने वाली तीन लोकसभा सीटों में से एक पर तृणमूल और दो पर भाजपा का सांसद है। वहीं, आठ विधानसभा सीटों में से सात तृणमूल के पास हैं और एक पर लेफ्ट का कब्जा है। माना जा रहा है कि लोकसभा सीटों पर भाजपा और विधानसभा सीटों पर तृणमूल के नियंत्रण के चलते दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त टक्कर रहेगी और इसी के चलते हिंसा की आशंका बढ़ी है।
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पांचवें चरण में हुआ 82.49 फीसदी मतदान 

17 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पांचवे चरण में 45 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान में कुल 1.13 करोड़ मतदाताओं में से 82.49 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। पूर्वी वर्धमान जिले में सबसे अधिक 86.04 फीसदी मतदान हुआ था। इसके अलावा जलपाइगुड़ी में 84.85 फीसदी, नदिया में 84.35 फीसदी, उत्तर 24 परगना में 80.56 फीसदी, दार्जिलिंग में 77.98 फीसदी और कलिमपोंग में 72.57 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था। बता दें कि राज्य में पहले चरण में 84.13 फीसदी, दूसरे चरण में 86.11 फीसदी, तीसरे चरण में 84.61 फीसदी और चौथे चरण के चुनाव में 79.90 फीसदी मतदान हुआ था।
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