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Bengal: 'सारे नाम होंगे सार्वजनिक, कानून हाथ में लिया तो होगी कार्रवाई', SIR के दूसरे चरण पर चुनाव आयोग सख्त

Wed, 21 Jan 2026 10:04 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग ने बंगाल में स्थिति स्पष्ट की। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चेताया कि सारे नाम सार्वजनिक होगी। साथ ही कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। 

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ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त - फोटो : Youtube वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासत तेज है। ऐसे में अब एसआईआर के दूसरे चरण को लेकर चुनाव आयोग ने स्थिति साफ कर दी है। मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने राज्य के सभी नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अगर ऐसा किया गया तो सख्त कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 24 जनवरी 2026 तक उन लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं, जिनके नाम मतदाता सूची में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (तार्किक विसंगति) या अनमैप्ड श्रेणी में आए हैं। ये नाम हर तालुका के ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय और शहरी इलाकों में वार्ड कार्यालयों में लगाए जाएंगे, ताकि लोग आसानी से जानकारी देख सकें।

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पश्चिम बंगाल में एसआईआर की तैयारी
आयोग ने यह भी कहा है कि हर मतदान क्षेत्र के लिए एक तय जगह बनाई जाए, जैसे ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक ऑफिस या वार्ड ऑफिस, जहां प्रभावित लोग अपने दस्तावेज जमा कर सकें और अपनी बात रख सकें। यह जगह कोशिश की जाएगी कि मतदान केंद्र के पास ही हो।

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इसके अलावा, आयोग ने राहत देते हुए कहा है कि जिन लोगों ने अब तक अपने दावे, दस्तावेज या आपत्तियां जमा नहीं की हैं, उन्हें नाम सार्वजनिक होने की तारीख से अगले 10 दिनों तक का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस दौरान वे तय कार्यालयों में जाकर अपने कागजात जमा कर सकते हैं या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से न हटे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बना रहे।

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