पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण के दौरान आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर रहमत नगर में पथराव किया गया। इस हमले में उनकी गाड़ी के पीछे के शीशे टूट गए। अग्निमित्रा ने इसे चुनाव प्रभावित करने की साजिश बताते हुए चुनाव अधिकारियों से शिकायत की है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान आसनसोल दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में हिंसा की खबर सामने आई। यहां से भाजपा की उम्मीदवार और मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पॉल को निशाना बनाया गया। चुनावी ड्यूटी के दौरान जब वे क्षेत्र का दौरा कर रही थीं, तब उनकी कार पर जबरदस्त पथराव किया गया। इस हमले में उनकी गाड़ी के पीछे के खिड़की के शीशे चकनाचूर हो गए।
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अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर हमला कैसे हुआ?
यह घटना आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के रहमत नगर इलाके के पास हुई। पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार, अग्निमित्रा पॉल एक मतदान केंद्र का मुआयना करने के बाद वहां से निकल रही थीं। जैसे ही उनकी चलती हुई कार सड़क पर आगे बढ़ी, अज्ञात लोगों ने गाड़ी को निशाना बनाकर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पत्थरों की चोट इतनी जोरदार थी कि गाड़ी के पिछले हिस्से के कांच पूरी तरह टूट गए।
मामले पर क्या बोलीं अग्निमित्रा पॉल?
अग्निमित्रा पॉल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब वह पोलिंग बूथ से बाहर आ रही थीं, तभी उनकी चलती गाड़ी पर हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला चुनाव को प्रभावित करने और मतदाताओं को डराने की एक सोची-समझी साजिश है।
अग्निमित्रा पॉल ने इस घटना के पीछे सीधे तौर पर अपने राजनीतिक विरोधियों का हाथ बताया है। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि इस हमले के पीछे कौन है और कौन चुनाव में धांधली करना चाहता है। भाजपा उम्मीदवार ने इस हमले की आधिकारिक शिकायत चुनाव अधिकारियों और स्थानीय पुलिस से की है।
हिरापुर थाने में की शिकायत
विधायक की शिकायत के बाद हिरापुर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे हमलावरों की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की मदद ले रहे हैं। घटना के बाद पूरे रहमत नगर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
बंगाल के अन्य हिस्सों में चुनाव का क्या हाल?
आसनसोल की यह घटना कोई इकलौती घटना नहीं है। बंगाल चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है और कई अन्य जगहों से भी छिटपुट झड़पों और हिंसा की खबरें आ रही हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन इसके बावजूद अलग-अलग जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत देखने को मिल रही है।