राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने राजधानी कोलकाता में विरोध रैली निकाली। इस रैली का नेतृत्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया। रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, अगर कोई मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश करता है, तो मैं राजनीतिक रूप से और मजबूत हो जाती हूं।
'बंगाल में जनादेश चोरी का खेल दोहरा रही भाजपा'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव आयोग की मदद से जनादेश की चोरी कर जीत हासिल की और अब वही खेल बंगाल में दोहराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कल आई-पैक कार्यालय में छापेमारी के दौरान उनकी पार्टी की रणनीति चुराने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे पूरी तरह निंदनीय बताया।
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'भाजपा नेताओं को मिल रही कोयला घोटाले की रकम'
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हमारे सांसदों पर पुलिस ने हमला किया, लेकिन बंगाल में भाजपा को लाल कालीन में स्वागत मिलता है। रैली में ममता ने कहा कि जो मैंने कल किया, वह बिल्कुल सही था। मेरी पार्टी का डाटा चोरी करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह दावा भी किया कि दिल्ली में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को कोयला घोटाले की रकम मिल रही है और अगर जरूरत पड़ी तो वह इसका प्रमाण जनता के सामने पेश कर सकती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले के पैसे का लेन-देन भाजपा में शामिल टीएमसी के पूर्व नेताओं के जरिये हुआ। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी समेत कई राजनेताओं के नाम लिए और चेतावनी दी कि उनके पास पेन ड्राइव में सबूत मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, वे कोयला घोटाले में पैसों की बात करते हैं। लेकिन कोयले का पैसा कौन खाता है? कैसे खाता है? यह गद्दारों (टीएमसी छोड़ चुके नेता) के जरिये जाता है। जगन्नाथ से शुभेंदु और अमित शाह तक की कड़ी है। मेरे पास सारे सबूत पेन ड्राइव में हैं। समय आने पर मैं उन्हें जारी कर दूंगी।
असम में क्यों शुरू नहीं किया एसआईआर?
उन्होंने कहा, अगर आप बंगाली में बात करते हैं, तो वे आपको बांग्लादेशी घोषित कर देते हैं। वे कहते हैं कि बंगाल में रोहिंग्या मौजूद हैं, लेकिन रोहिंग्या हैं कहां? अगर असम में रोहिंग्या नहीं हैं, तो वहां एसआईआर क्यों शुरू नहीं किया गया? यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि वे महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह बंगाल में भी सत्ता में आना चाहते हैं। लेकिन यह संभव नहीं है।
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..तो क्या मुझे आत्मरक्षा का अधिकार नहीं?
ईडी की छापेमारी वाली जगह पर अपनी मौजूदगी को जायज ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने आगे पूछा, अगर कोई मुझे जान से मारने आए तो क्या मुझे आत्मरक्षा का अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा, हम 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव जीतेंगे। केंद्र में भाजपा सरकार 2029 तक नहीं टिकेगी।
भाजपा ने पूछे कई सवाल
वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मुख्यमंत्री बनर्जी पर पलटवार किया है और कई सवाल पूछे हैं। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ममता बनर्जी कभी बंगाल के लोगों के लिए खड़ी नहीं हुईं। आज की उनकी रैली भ्रष्टाचार बचाओ रैली का एक संस्करण है। ममता बनर्जी को डर है कि जांच के दौरान उनके करीबी दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। ममता को जवाब देना चाहिए: इतनी बेचैनी क्यों है? उन दस्तावेजों में क्या है? वह किसे बचाने की कोशिश कर रही हैं? पीएमएलए अधिनियम की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती अभियान में एक निजी कंपनी का बचाव करने में उनका क्या स्वार्थ है? क्या टीएमसी यह तय करेगी कि किसी जांच होनी चाहिए और किसकी नहीं? टीएमसी डरी हुई है, घबराई हुई है और उत्तेजित है, क्योंकि बंगाल की जनता उसके 'महा जंगलराज' के खिलाफ खड़ी हुई है।