बंगाल की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर जल्द फैसला हो सकता है। निर्वाचन आयोग की बुधवार को बैठक हो रही है। ये उपचुनाव इसलिए अहम हैं, क्योंकि इनसे सीएम ममता बनर्जी की भी किस्मत का फैसला होगा। वह नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी से हार चुकी हैं, इसलिए उन्हें सीएम बने रहने के लिए छह माह के अंदर उपचुनाव में जीतकर विधानसभा सदस्य बनना जरूरी है।
पश्चिम बंगाल उपचुनाव को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग आज राज्य के मुख्य सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करने जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सात विधानसभा सीटों पर लंबित उपचुनाव को लेकर चर्चा होगी।
राज्य की जिन सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है वे हैं, मुर्शिदाबाद में जंगीपुर और समसेरगंज, 24 दक्षिण परगना में गोसाबा, दक्षिण मेदनीपुर में खरगपुर, नादिया में शांतिपुर, कूचबिहार में दिनहाटा और भवानीपुर। ममता बनर्जी के कुर्सी पर मंडराते खतरे की वजह से टीएमसी बार-बार चुनाव आयोग से जल्द उपचुनाव की मांग कर रही है। ममता बनर्जी को पांच नवंबर तक चुनाव जीतकर विधानसभा की सदस्यता लेना जरूरी है, ताकि वह सीएम बनी रह सकें।