पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया है कि उनको दिल्ली पुलिस ने जांच करने से रोक दिया। यह जांच पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने उनके राज्य में झारखंड के तीन विधायकों से मिले लाखों रुपयों की बरामदगी के बाद दिल्ली में होनी थी। पश्चिम बंगाल सीआईडी के ट्वीट करने के बाद अभी तक दिल्ली पुलिस ने इस पर कोई भी जवाब नहीं दिया है।
जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल सीआईडी के अधिकारियों की एक टीम दिल्ली में सर्च ऑपरेशन करने के लिए पहुंची थी। सीआईडी के अधिकारियों के मुताबिक जब उनकी टीम आरोपी से संबंधित मामले में सर्च करने के लिए पहुंची, तो दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कानून की धारा 96 के तहत सर्च ऑपरेशन करने से मना कर दिया। पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने ट्वीट करके इस पूरे मामले से दिल्ली पुलिस के कमिश्नर और साउथ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी को टैग करते हुए पूरे मामले से अवगत कराया है।
पश्चिम बंगाल की सीआईडी के अधिकारियों के मुताबिक उनके पास कोर्ट का सर्च वारंट था, बावजूद इसके दिल्ली पुलिस ने उनको कोर्ट के आदेशों का पालन करने से मना कर दिया गया। हालांकि इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस को लेकर तमाम तरीके के कयास लगने शुरू हो गए हैं।
हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर तो कोई जानकारी और बातचीत नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की पुलिस जब दिल्ली पहुंची तो उनसे पूछताछ आज जरूर की गई है। दरअसल पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के 3 विधायकों से कैश बरामद हुआ था। उसके बाद छानबीन और जांच के आधार पर ही पूरे मामले की जांच के आदेश सीआईडी को दिए गए थे। सचिन बंगाल सीआईडी ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की थी। उसी दिशा में दिल्ली में जांच पड़ताल के लिए पश्चिम बंगाल की सीआईडी की टीम पहुंची थी।
पश्चिम बंगाल सीआईडी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पश्चिम बंगाल पुलिस को दे दी गई है। क्योंकि उनके पास कोर्ट का आदेश है इसलिए वह इस मामले में सर्च ऑपरेशन करके वापस आना चाहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि वह लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं। लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई भी सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।