बांग्लादेशी सांसद अनवारुल अजीम अनार (फाइल)
- फोटो : फेसबुक@MPAnowarulAzimAnar
बांग्लादेशी सांसद अनवारुल अजीम अनार की हत्या करने के लिए तकिये का इस्तेमाल किया गया। कोलकाता स्थित न्यू टाउन के फ्लैट में घुसते ही आरोपियों ने उनका मुंह तकिये से दबा दिया, जिसके चलते दम घुटने से उनकी मौत हो गई। यह दावा बुधवार को पश्चिम बंगाल सीआईडी के एक अधिकारी ने किया।
अधिकारी के अनुसार, नेपाल में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सियाम हुसैन ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि सांसद अनार का गला घोंटने में एक महिला ने भी मदद की थी। उसने महिला को अमेरिकी नागरिक और मामले के मुख्य आरोपी अख्तरुज्जमां की प्रमिका बताया था।
सांसद के अंगों की तलाश के लिए अभियान जारी
सीआईडी अधिकारी ने बताया कि सांसद की हत्या करने के बाद कसाई ने शरीर के 80 टुकड़े कर दिए। शरीर के टुकड़ों को प्लास्टिक की थैलियों में डालकर न्यू टाउन और बागजोला नहर के कई हिस्सों में फेंक दिया। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि शरीर के कुछ हिस्सों को ट्रॉली सूटकेस में डालकर बांग्लादेश के साथ बनगांव सीमा के पास कहीं फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि सांसद के शव के अंगों की तलाश में सीआईडी ने अपना अभियान जारी रखा है।
सीआईडी को नहर के पास से मिली थीं मानव हड्डियां
बता दें कि सीआईडी ने आरोपी सियाम से पूछताछ के बाद बीते रविवार को दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित बागजोला नहर के पास मानव हड्डियों के कुछ हिस्से बरामद किए थे। सियाम को शनिवार शाम को नेपाल से पश्चिम बंगाल लाया गया था। जिसे बारासात की एक स्थानीय अदालत ने सीआईडी की 14 दिन की हिरासत में भेज दिया था।
सांसद के दोस्त ने अपराधियों को दिए थे पांच करोड़
सियाम से पूछताछ के दौरान सीआईडी को प्रारंभिक जांच से पता चला कि सांसद के करीबी दोस्त अख्तरुज्जमां ने अपराध में शामिल लोगों को लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। अधिकारियों ने बताया कि अख्तरुज्जमां के पास कोलकाता में एक फ्लैट है और वह फिलहाल अमेरिका में है।
13 मई की दोपहर घर से डॉक्टर को दिखाने निकले थे सांसद
बता दें कि 18 मई को कोलकाता के बारानगर निवासी और बांग्लादेशी सांसद अनावरुल अजीम अनार के परिचित गोपाल विश्वास ने अनाज के लापता होने की पुलिस को शिकायत दी थी। विश्वास द्वारा पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, अनार 12 मई को कोलकाता पहुंचे थे और विश्वास के घर रुके। 13 मई की दोपहर सांसद बारानगर आवास से डॉक्टर को दिखाने के लिए निकले थे। उन्होंने विश्वास से रात के खाने पर घर वापस आने की बात कही, लेकिन वह नहीं लौटे। 17 मई तक भी जब सांसद से विश्वास का संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें एक दिन बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी।