पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रोहिंग्या मुसलमान को वापस म्यांमार भेजने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है। आयोग का कहना कि रोहिंग्याओं को म्यांमार भेजना उन्हें मौत के मुंह में ढकेलना है।
अपनी याचिका में आयोग ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों के साथ म्यांमार में बुरा बर्ताव हो रहा है। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उनकी हत्याएं की जा रही हैं। ऐसे में अगर उन्हें वापस म्यांमार भेजा गया तो उनके अधिकारों का हनन होगा।
याचिका में कहा गया कि जीने का अधिकार भारतीय नागरिकों को ही नहीं है बल्कि विदेश से आए नागरिकों का भी है। आयोग का कहना है कि रोहिंग्या को वापस म्यांमार भेजने का निर्णय मानवता के खिलाफ है। पश्चिम बंगाल के अलग-अलग शेल्टरों में रह रहे रोहिंग्या महिलाएं और बच्चों को म्यांमार भेजना मौत के मुंह में ढकेलने के बराबर है।