पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में देरी से आना राज्य के मुख्य सचिव को भारी पड़ गया। केंद्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से बंगाल के मुख्य सचिव अल्पन बंदोपाध्याय का तबादला कर दिया है।
केंद्र सरकार ने बंगाल सरकार से तबादला करते हुए 31 मई 2021 सुबह 10 बजे तक भारत सरकार की डीओपीटी में रिपोर्ट करने के लिए कहा है। इसके अलावा राज्य सरकार से तुरंत प्रभाव से अल्पन बंदोपाध्याय को छोड़ने के लिए कहा है। अल्पन बंदोपाध्याय की अगली पोस्टिंग कहां होगी, इसे लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है।
समीक्षा बैठक में आधे घंटे देरी से आए थे मुख्य सचिव
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ओडिशा और बंगाल में चक्रवात यास की वजह से हुए नुकसान की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आमंत्रित किया था। हालांकि बंगाल के लिए हुई बैठक में मुख्यमंत्री समेत मुख्य सचिव आधे घंटे की देरी से आए थे और थोड़ी देर रुकने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जल्द वापस चले गए। इसे सर्विस रूल्स के खिलाफ बताया जा रहा है।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा और बंगाल के कई इलाकों को हवाई दौरा किया था। शुक्रवार को पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उसके बाद बंगाल की मुख्यमंत्री और अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आधे घंटे देरी से पहुंची थीं।
क्या कहते हैं सर्विस रूल्स?
प्रधानमंत्री अगर किसी राज्य में ऐसा समीक्षा बैठक बुलाते हैं तो सर्विस रूल्स के मुताबिक, राज्य के मुख्य सचिव और उनके स्थान पर उसी रैंक के अधिकारी का बैठक के दौरान उपस्थित होना अनिवार्य होता है। इसलिए पीएम की बैठक में मुख्य सचिव अल्पन बंदोपाध्याय का समय से शामिल ना होना, नियमों का उल्लंघन है।