चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पर बीएलओ के विरोध प्रदर्शन को गंभीर सुरक्षा चूक करार दिया और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा से घटना पर रिपोर्ट मांगी है। चुनाव आयोग ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा है कि बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के कार्यालय की सुरक्षा स्थिति संतोषजनक नहीं लग रही है।
आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की वजह से बीएलओ बहुत ज्यादा काम के दबाव का आरोप लगा रहे हैं। इसे लेकर बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के एक समूह ने मंगलवार शाम तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस के बाहर 30 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। चुनाव आयोग ने पत्र में कहा, 'मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में मौजूदा सुरक्षा, हालात को संभालने के लिए काफी नहीं लग रही थी, जिससे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्य संयुक्त चुनाव अधिकारी और अन्य अधिकारियों और स्टाफ की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। बंगाल के मुख्य सचिव, राज्य के गृह सचिव और डीजीपी को भी पत्र की प्रति भेजी गई है।
ये भी पढ़ें-
संविधान दिवस: 'गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान', बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू; जानें और किसने-क्या कहा
चुनाव आयोग ने पत्र में क्या लिखा
चुनाव आयोग ने पत्र में लिखा कि 'चुनाव आयोग के ध्यान में आया है कि 24 नवंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में एक गंभीर सुरक्षा चूक हुई है, जिसकी मीडिया में भी खूब रिपोर्टिंग हुई है। सीईओ के ऑफिस में मौजूदा सुरक्षा इस स्थिति को संभालने के लिए काफी नहीं लग रही थी। आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे CEO के ऑफिस में तैनात ऑफिसर और स्टाफ की सेफ्टी और सिक्योरिटी, उनके घरों पर और आने-जाने के दौरान पक्का करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाएं। 48 घंटे के अंदर आयोग को कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी जाए।'