पश्चिम बंगाल के मिदनापुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रसव के बाद एक गर्भवती महिला की मौत हो गई और चार अन्य की हालात गंभीर है। इस घटना के बाद राज्य भर में राजनीति गर्माहट अपने चरम पर है।भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
भाजपा का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गर्भवती की जान गई। साथ ही प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चे की मौत और महिला की मौत का कारण एक्सपायर हो चुके अंतःशिरा द्रव (आईवी फ्लूइड) का इंजेक्शन था। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।
जांच की रिपोर्ट की समीक्षा खुद करेंगी सीएम ममता
वहीं इस मामले में सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फैसला लिया है कि वह खुद जांच रिपोर्ट की समीक्षा करेंगी। साथ ही राज्य सचिवालय ने स्वास्थ्य विभाग से जल्दी से निष्कर्ष प्रस्तुत करने को कहा है।
मृतक महिला के परिवार का आरोप
मृतक महिला के परिवार ने मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) पर आरोप लगाया है कि उसकी मौत एक्सपायर हो चुके रिंगर लैक्टेट इंजेक्शन के कारण हुई। यह इंजेक्शन आमतौर पर रक्तचाप और रक्त की कमी वाले मरीजों को दिया जाता है।
आईवी फ्लूइड और 10 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक
साथ ही इस मामले में बढ़ती गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में एक विशेष कंपनी द्वारा बनाए गए आईवी फ्लूइड और 10 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने कहा कि मृतक के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें अस्पताल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
जांच के लिए 13 सदस्यीय पैनल का गठन
हालांकि मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने जांच के लिए 13 सदस्यीय पैनल का गठन किया है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने तक मामले का हल नहीं निकल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के बाहर विरोध किया और अस्पताल अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी जवाब की मांग की।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। स्वास्थ्य प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। माकपा और भाजपा को इस मामले पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।