पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने वॉकआउट किया, जब वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के विधायक और अर्थशास्त्री अशोक लाहिरी के बारे में 'हम्प्टी डम्प्टी' शब्द का इस्तेमाल किया। भाजपा ने इसे लाहिरी के सम्मान और प्रतिष्ठा पर आघात मानते हुए विरोध जताया।
वित्त मंत्री की टिप्पणी पर भाजपा विधायकों का वॉकआउट
भट्टाचार्य ने विधानसभा में कहा कि मुझे नहीं पता कि अशोक लाहिरी, जो कि अर्थशास्त्री हैं, बंगाली पढ़ते हैं या अंग्रेजी में लिखते हैं। उन्होंने आगे कहा 'आप कहते हैं कि हमारी सरकार ने पिछले 15 साल में कोई विकास नहीं किया और हमारा बजट 'हम्प्टी डम्प्टी' है। ऐसा कहकर आपने सदन को गुमराह किया।'
भट्टाचार्य के इस बयान के दौरान विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के विधायक खड़े हुए और विधानसभा से बाहर चले गए। इस दौरान उन्होंने "शर्म, शर्म" और "बंगालियों का अपमान सहन नहीं करेंगे" जैसे नारे लगाए।
क्यों विवादों में है "हम्प्टी डम्प्टी" शब्द
वित्त मंत्री और अशोक लाहिरी द्वारा इस्तेमाल किया गया यह 'हम्प्टी डम्प्टी' शब्द पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 1 फरवरी के बयान से लिया गया प्रतीत होता है। उस दिन उन्होंने केंद्र सरकार का बजट 'हम्प्टी डम्प्टी' बताते हुए कहा था कि यह सभी वर्गों को, महिलाओं, युवाओं, छात्रों और पिछड़े समुदायों को लाभ नहीं देता। भट्टाचार्य ने सीधे ममता बनर्जी का नाम लिए बिना लाहिरी पर टिप्पणी की और कहा कि हमारे जनहितकारी बजट के बजाय, संघीय बजट स्वयं 'हम्प्टी डम्प्टी' था और इसका कोई दिशा-निर्देशन नहीं था।
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