पश्चिम बंगाल भाजपा ने गुरुवार को राज्य विधान सभा सचिव को पत्र लिखकर सार्वजनिक लेखा समिति की सदस्यता के लिए टीएमसी नेता मुकुल रॉय के नामांकन को खारिज करने की मांग की। भाजपा ने पत्र में लिखा, हमने रॉय के नामांकन पत्र की जांच के दौरान मौखिक रूप से आपत्ति जताई थी और अब हम नामांकन पत्र की स्वीकृति पर कड़ी आपत्ति दर्ज कर रहे हैं।
भाजपा के मुताबिक नियम 302 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जन लेखा समिति के 20 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व के सिद्धांत पर इसके सदस्यों में से चुने जाएंगे। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या मुकुल रॉय का प्रतिनिधित्व भाजपा से है या तृणमूल कांग्रेस से है। भाजपा ने उनका नाम प्रस्तावित नहीं किया है ऐसे में उनका नामांकन नियम 302 का उल्लंघन है।
ममता ने लोक लेखा समिति के लिए मुकुल रॉय के नामांकन का समर्थन किया
पश्चिम बंगाल विधानसभा की लोक लेखा समिति में मुकुल रॉय के नामांकन पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी रॉय का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि रॉय 'भाजपा के सदस्य हैं।'
बनर्जी ने कहा कि नामांकन कोई भी दाखिल कर सकता है लेकिन अंतिम निर्णय सदन के अध्यक्ष को लेना होता है। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, 'कोई भी लोक लेखा समिति के लिए नामांकन दाखिल कर सकता है और मुकुल रॉय, जिन्होंने नामांकन दाखिल किया है वह भाजपा के सदस्य हैं।'
उन्होंने कहा, 'इसमें समस्या क्या है? उन्हें बिनय तमांग की पार्टी का समर्थन हासिल है और हम भी उनका समर्थन करेंगे। यह अध्यक्ष का निर्णय होगा।' तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'और अगर मतदान होता है तो हम जीतेंगे। लोगों ने हमें वोट दिया है तब हमने सत्ता हासिल की है। हम इसका इस्तेमाल (पीएसी में) सही व्यक्ति के चुनाव के लिए करेंगे।'
बता दें कि मुकुल रॉय 11 जून को भाजपा छोड़कर फिर से तृणमूल में शामिल हो गए थे और उन्होंने विधानसभा की पीएसी के लिए नामांकन भरा है।