वर्ष 2009, 2014, 2019 के तीनों लोकसभा चुनाव में कांथी सीट जीतने वाले शिशिर तृणमूल कोटे से यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं। भाजपा नेता, नंदीग्राम के प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी के पिता हैं। सुवेंदु के भाई दिव्येन्दु अधिकारी तामलुक लोकसभा सीट से सांसद हैं। क्षेत्र की नगरपालिका, नगर पंचायत पर अधिकारी परिवार का सिक्का चलता है।
शिशिर से किस मुंह से बात करे तृणमूल?
टीएमसी के नेता पार्थ चटर्जी कहते हैं कि शिशिर से किस मुंह से बात करें। पार्थ के मुताबिक उनके बेटे सुवेंदु और सौम्येंदु भाजपा में हैं। सुवेंदु तृणमूल से बागी होकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं। शिशिर पार्टी के सांसद और वरिष्ठ नेता हैं। उनके मन में और जुबान पर दो अलग-अलग चीजें चल रही हैं। उन्हें तय करने दीजिए कि यह क्या हैं? तृणमूल के ही एक अन्य नेता का कहना है कि राजनीति में ही ढोंग के साथ सब चलता है। शिशिर अधिकारी के मन में अब भाजपा जगह बना चुकी है। इसलिए बहुत कुछ कहने-सुनने की गुंजाइश नहीं है। अब दो मई का ही सबको इंतजार है।