फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल के लिए ममता की 10 प्रतिज्ञा: महिलाओं और युवाओं को मिलेंगे 18 हजार सालाना, हर परिवार को मिलेगा पक्का घर

Fri, 20 Mar 2026 04:54 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसके तहत राज्य में दुआरे चिकित्सा (घर-घर जाकर चिकित्सा सेवा) और लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं की मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी का एलान किया गया है। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र पर निशाना साधा है। पढ़ें, टीएमसी के घोषणापत्र में और क्या-क्या एलान किया गया है।
विज्ञापन
बंगाल के लिए टीएमसी का घोषणापत्र जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस की तरफ से चुनावी घोषणापत्र जारी किया गया। राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तमाम नेताओं की मौजूदगी में ये चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया है।
विज्ञापन




सीएम ममता ने एक्स पर साझा किया घोषणापत्र
चुनावी घोषणापत्र को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'लक्ष्मी भंडार योजना के तहत, ₹500 की बढ़ोतरी के साथ, महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी - सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को ₹1,500 (सालाना ₹18,000) और SC/ST लाभार्थियों को ₹1,700 (सालाना ₹20,400)। मैं 'बांग्लार युवा-साथी' योजना जारी रखूंगी, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹1,500 (सालाना ₹18,000) की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मैं ₹30,000 करोड़ का 'कृषि-बजट' भी शुरू करने का वादा करती हूं, ताकि किसान परिवारों को लगातार सहायता मिलती रहे, भूमिहीन किसानों को सहारा मिले और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके। इसके अलावा, मेरी सरकार हर ब्लॉक और शहर में सालाना 'दुआरे चिकित्सा' शिविर आयोजित करेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के दरवाजे तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। मैं 'बांग्लार शिक्षायतन' योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का समग्र विकास सुनिश्चित करूंगी।'
विज्ञापन

 
केंद्र सरकार पर सीएम ममता का हमला
इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'चुनावों के दौरान हम कई साजिशें देखते हैं, लेकिन इस बार तो सारी हदें पार हो गई हैं। इस चुनाव के बाद परिसीमन होगा, लेकिन मोदी सरकार सत्ता में वापस नहीं आएगी क्योंकि जनता भाजपा सरकार को पसंद नहीं करती। इसके पीछे एनआरसी और परिसीमन का हाथ है।'
 

यह भी पढ़ें - दीदी की बढ़ी टेंशन: हुमायूं कबीर ने ओवैसी से मिलाया हाथ, बोले- बिना हमारे नहीं बनेगी अगली सरकार

वे बंगाल से ईर्ष्या करते हैं- ममता बनर्जी
सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'यहां पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात लोगों को न तो इस क्षेत्र की जानकारी है, न ही राज्य की; उन्हें राज्य के बारे में कुछ भी पता नहीं है। वे अपना कर्तव्य कैसे निभा सकते हैं? राष्ट्रपति शासन की जगह अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। क्योंकि भाजपा जानती है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ेगा। मोदी जी, आप यहां अघोषित राष्ट्रपति शासन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि वे बंगाल से ईर्ष्या करते हैं। उन्होंने पूरी व्यवस्था को ही उलट-पुलट कर दिया है।'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Congress: 'महंगाई की मार पड़ने वाली है', प्रीमियम पेट्रोल-इंडस्ट्रियल डीजल के दाम बढ़ने पर कांग्रेस का निशाना

'बंगाल चुनाव के बाद NRC-जनगणना के नाम पर छीन जाएगी लोगों की नागरिकता'
वहीं, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद एनआरसी और जनगणना के नाम पर लोगों की नागरिकता छीन लेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर रहा है और यह सब भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि इन तबादलों के जरिए चुनाव से पहले राज्य में पैसे और हथियारों की एंट्री कराई जा सकती है, जिससे चुनाव प्रभावित हो सकते हैं।

'SIR में विशेष समुदाय के लोगों को बनाया गया निशाना'
ममता बनर्जी ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि एक विशेष समुदाय के लोगों को एसआईआर प्रक्रिया में ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 60 लाख मामलों की जांच चल रही है, जिनमें से करीब 22 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है और लगभग 10 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की सच्चाई की जांच होना जरूरी है।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें