इसके इतर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जनता पर जादू बना हुआ। ममता ने अपने 'खेला होबे' और 'बाहरी बनाम भीतरी' जैसे नारों को हथियार बनाकर एक बार फिर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है। टीएमसी की जीत के बाद ममता बनर्जी अब मोदी के खिलाफ विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बन गईं हैं। उन्होंने अकेले दम पर इस विधानसभा चुनाव में सभी को पछाड़ दिया है। ममता के खिलाफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, योगी आदित्यनाथ जैसे सभी बड़े चेहरों ने चुनाव प्रचार किया। सभी ने जमकर ममता पर हमले भी किए, लेकिन दीदी ने हार नहीं मानीं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि दीदी ने खुद के दम पर सभी को इस चुनावी मैदान में मात दे दी है।
सीएम की हैट्रिक की ओर दीदी
पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत का मतलब ये है कि सूबे में दीदी का जादू बरकरार है। इस जीत के बाद अब ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगी। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 211 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार भी टीएमसी इस आंकड़ें के आसपास पहुंच गई है। इसका साफ मतलब है कि पश्चिम बंगाल की जनता को दीदी का काम पसंद आया है और जनता ने एक बार फिर दीदी पर अपनी 'ममता' बरसाई है।