पहले चरण में पश्चिम बंगाल के बांकुरा, पुरुलिया, झारग्राम, पश्चिमी और पूर्वी मिदनापुर जिले की 30 सीटों पर मतदान होगा। इन 30 सीटों में पटाशपुर, भगवानपुर, खेजुड़ी, कांथी उत्तर, कांथी दक्षिण, एगरा, रामनगर, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर, झारग्राम, नयाग्राम, केशियरी, गड़बेता, सालबनी, खड़गपुर, मेदिनीपुर, दांतन, बंदवान, बलरामपुर, जयपुर, पुरूलिया, बाघमुंडी, मानबाजार, पारा, रघुनाथपुर, काशीपुर, सालतोरा, रानीबांध, रायपुर और छातना शामिल हैं। इनमें पुरुलिया की 9, बांकुरा की 4, झारग्राम की 4, पश्चिमी मेदिनीपुर की 6 सीटों के अलावा पूर्वी मेदिनीपुर की अति महत्वपूर्ण सात सीटें शामिल हैं, जो भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है। इन 30 सीटों पर टीएमसी और भाजपा ने 29-29, जबकि वाम-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। पहले चरण में पुरुलिया और झारग्राम जिले की सभी सीटों पर चुनाव संपन्न हो जाएगा। टीएमसी पुरुलिया की जॉयपुर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर रही है, क्योंकि चुनाव आयोग ने खामियों के चलते उसके उम्मीदवार उज्जवल कुमार का नामांकन रद्द कर दिया। वहीं, भाजपा ने बागमंडी सीट झारखंड में अपने गठबंधन सहयोगी एजेएसयू के लिए छोड़ी है।
बागमंडी सीट पर कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार नेपाल महतो की किस्मत दांव पर लगी है, जबकि फॉरवर्ड ब्लॉक ने देवरंजन महतो को उम्मीदवार बनाया है। एजेएसयू पार्टी की ओर से आशुतोष महतो उम्मीदवार होंगे। वहीं, टीएमसी से सुशांत महतो किस्मत आजमा रहे हैं। आधिकारिक सीट बंटवारे के अनुसार वाम-कांग्रेस-आईएसएफ के गठबंधन की ओर से पहले चरण की 30 सीटों में से 18 सीटों पर वाम दलों, 10 पर कांग्रेस और दो पर आईएसएफ ने उम्मीदवार उतारे हैं। पहले चरण में सलबोनी सीट पर भी सबकी निगाहें हैं, जहां माकपा ने पूर्व मंत्री सुशांत घोष को मैदान में उतारा है। उनका सीधा मुकाबला भाजपा उम्मीदवार राजीव कुंडु और टीएमसी उम्मीदवार श्रीकांत मेहता से है। घोष 1987 से 2016 तक इस सीट से विधायक रहे, लेकिन कंकाल मिलने के मामले में जेल भी काट चुके हैं। फिलहाल, जमानत पर चल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान सुबह 7 बजे शुरू हो गया, जो शाम 6:30 बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग ने इस बार वोट डालने का समय बढ़ा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग ने यहां केंद्रीय बलों की लगभग 684 कंपनियां तैनात की हैं, जो 10 हजार 288 मतदान केंद्रों की सुरक्षा करेंगी। इसके अलावा महत्वपूर्ण स्थानों पर राज्य की पुलिस भी तैनात की जाएगी। बता दें कि पहले चरण के मतदान से चंद घंटों पहले हिंसा की घटना भी हुई है। बांकुरा में टीएमसी के दफ्तर में धमाका हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वहीं, बैरकपुर में भाजपा कार्यकर्ता को पीटने की बात सामने आई है, जिसका आरोपी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा है। ऐसे में राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना निर्वाचन आयोग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं। इन सीटों के लिए मतदान आठ चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण का मतदान आज यानी 27 मार्च को हो रहा है। इसके बाद एक अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। 2 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।