प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम में चुनाव हार गई हैं और चार चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद पश्चिम बंगाल से उनकी विदाई तय हो गई है। यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ‘‘मां, माटी और मानुष’’ का वादा कर दस साल पहले सत्ता में आई थीं लेकिन उन्होंने ‘‘मां को सताओ, माटी को लूटो और मानुष का रक्त बहाओ’’ का रास्ता चुना और बांटों और शासन करो की नीति अपनाई।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहा है ममता बनर्जी की कड़वाहट, उनका क्रोध और उनकी बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है। मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि बंगाल ने आधे चुनावों में ही तृणमूल कांग्रेस को पूरा साफ कर दिया है। अब तक हुए मतदान के चार चरणों में बंगाल की जनता ने इतने चौके छक्के मारे कि भाजपा की सीटों की सेंचुरी हो गई है। जो आपके साथ खेला करने की सोच रहे थे, उन्हीं के साथ खेला हो गया है।’’
प्रधानमंत्री ने दावा किया, ‘‘नंदीग्राम में बंगाल के लोगों ने दीदी को क्लीन बोल्ड कर दिया। यानि बंगाल में दीदी की पारी समाप्त हो चुकी है। बंगाल के लोगों ने उन्हें मैदान से बाहर जाने को कह दिया है।’’ उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी की एक बड़ी योजना को भी असफल कर दिया जिसके तहत मुख्यमंत्री अपने ‘‘भाइपो’’ (भतीजे अभिषेक बनर्जी) को पार्टी की कमान सौंपना चाहती थीं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि एक बार यहां से कांग्रेस गई, कभी वापस नहीं आई। वामपंथी गए, कभी वापस नहीं आए। दीदी, आप भी एक बार हार गईं, तो कभी वापस नहीं आएंगी। तृणमूल कांग्रेस की बहुत बड़ी हार होने जा रही है।’’
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर राज्य के दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि खुद को ‘‘रॉयल बंगाल टाइगर’’ कहने वाली ममता बनर्जी ने ऐसा करने वालों के खिलाफ ना तो कोई कार्रवाई की, ना ही माफी मांगी। उन्होंने दावा किया कि दलितों का अपमान कर तृणमूल कांग्रेस ने ‘‘बहुत बड़ी भूल’’ की है।
मोदी ने कहा कि 10 सालों तक ममता बनर्जी ने ‘बांटो और राज करो’ की नीति को अपनाया जबकि भाजपा सभी को जोड़ने और सेवा करने की भावना के साथ काम करती है।
कूचबिहार जिले के सीतलकूची में सीआईएसएफ की कथित गोलीबारी में चार लोगों की मौत ने पश्चिम बंगाल में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को इसे “नरसंहार” करार दिया तो वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें शवों पर “तुष्टिकरण की राजनीति” करने को लेकर चेतावनी दी।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘सीतलकूची में नरसंहार हुआ। मैं 14 अप्रैल तक सीतलकूची जाना चाहूंगी। आयोग कूच बिहार में प्रवेश को प्रतिबंधित करके तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा है। हमारे पास एक अक्षम (केंद्रीय) गृह मंत्री और अक्षम केंद्र सरकार है।’’
पुलिस ने कहा था कि कूचबिहार जिले में शनिवार को स्थानीय लोगों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने गोलीबारी की, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। ऐसा कहा जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने सीआईएसएफ जवानों की ‘‘राइफलों को छीनने की कोशिश कीं’’
वहीं शाह ने आरोप लगाया कि बनर्जी द्वारा लोगों को केंद्रीय बलों का घेराव करने के लिए कहे जाने के बाद भड़के लोगों ने सीआईएसएफ कर्मियों पर हमला किया जिसकी वजह से लोगों की जान गई। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर मौत के मामले में भी तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
शाह ने रोडशो के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ममता बनर्जी ने लोगों को केंद्रीय बलों का घेराव करने की सलाह दी थी। क्या यह सीतलकूची में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार नहीं था? उनकी सलाह ने लोगों को सीआईएसएफ पर हमले के लिए उकसाया।’’
अमित शाह ने उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दीदी मेरा इस्तीफा मांग रही हैं। यदि लोग यह मांग करें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन आप दो मई का निश्चित ही अपना त्यागपत्र देने के लिए तैयार रहिए।’’