पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook/Mamta Banerjee
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को एक बार फिर चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग के तीन विशेष पर्यवेक्षक मतदान के दौरान पुलिस को टीएमसी कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का आदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह साजिश है, चुनाव के बाद वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी।
बोलपुर के गीतांजलि सभागार में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए टीएमसी अध्यक्ष ने आयोग को निशाने पर लेते हुए कहा, अब बहुत हो गया। आयोग अगर स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए काम कर रहा होता तो मुझे दिक्कत नहीं होती। लेकिन वह सिर्फ भाजपा की मदद करने के लिए काम कर रहा है। आयोग तृणमूल को खत्म करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के तीन विशेष पर्यवेक्षक मतदान के पहले की रात से लेकर अगले दिन के चार बजे तक हमारे कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का आदेश दे रहे हैं। डीएम-एसपी व चुनाव पर्यवेक्षकों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को दिखाते हुए उन्होंने कहा, यह व्हाट्सएप की बातचीत मुझे भाजपा के एक व्यक्ति ने भेजी है।
ममता ने कहा कि इस तरह के षड्यंत्र और पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ चुनाव के बाद वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह तीन सेवानिवृत्त लोग चुनाव को प्रभावित करने में सक्षम नहीं है। यह केवल सात से आठ सीटों पर भाजपा को फायदा पहुंचा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा 70 सीट भी पार नहीं कर पाएगी।
कोरोना संक्रमण को लेकर भी आयोग को घेरा
बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों के लेकर भी ममता ने आयोग को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधी कार्यों के लिए लाखों लोगों की एक शहर से दूसरे शहर में आवाजाही से भी संक्रमण बढ़ा। केंद्रीय बल और दूसरे राज्यों से प्रचार के लिए आए लोग आरटी-पीसीआर जांच कराने के लिए तैयार नहीं थे।