केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के धर्मनिरपेक्ष पर हमला किया है। नागरिकता का निर्धारण करने के लिए धर्म को एक यातना के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इससे अल्पसंख्यकों के अधिकारों में धीरे-धीरे कमी आ रही है। वहीं, वामपंथी दलों ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दीदी के शासनकाल में रोजगार की स्थिति बेहद चिंतनीय है। औद्योगिक क्षेत्र में कोई निवेश नहीं हुआ है और 'सरकार की भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार' है।
पहले चरण के मतदान में चंद दिन शेष
बता दें कि बंगाल में चुनाव प्रचार जोरों पर है और पहले चरण के मतदान के लिए कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से चुनावी घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। इससे पहले दीदी की पार्टी टीएमसी ने 146 पन्नों का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया था। वहीं, रविवार को भाजपा भी अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी।