बंगाल के कुल 294 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 282 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं, जबकि पुरुलिया जिले में एक सीट (बाघमुंडी) अपने गठबंधन सहयोगी आजसू के लिए छोड़ दी है। भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, बंगाल में केवल 294 सीटें हैं। हम सभी को टिकट नहीं दे सकते। कुछ को मिलेंग और कुछ को नहीं मिलेंगे। हमें इसे स्वीकार करना होगा। जो लोग पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ कर रहे हैं, पोस्टर फाड़ रहे हैं और आग लगा रहे हैं वे किसी भी राजनीतिक पार्टी के सदस्य नहीं हो सकते। हम इस तरह के व्यवहार को मंजूरी नहीं देते हैं और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।'
भाजपा ने जब पहले दो चरणों में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की, जिसमें पुरुलिया, बांकुरा, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर जैसे जिले शामिल थे। बाद में 14 मार्च को, भाजपा ने अपनी दूसरी सूची जारी की, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ता और नेता निराश हुए। हुगली, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारों में बदलाव की मांग के लिए भाजपा कार्यालय के बाहर धरना दिया।सोवन चटर्जी और उनके सहयोगी बैशाखी बनर्जी ने टिकट नहीं मिलने की वजह से पार्टी छोड़ दी।
सोवन चटर्जी को बेहाला पुरबा से चुनाव मैदान में उतारने की उम्मीद थी, जिसे उन्होंने 2011 और 2016 में टीएमसी विधायक के रूप में जीता था। सोवन चटर्जी ने पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को लिखे पत्र में कहा कि वह और बैशाखी बनर्जी अब पार्टी में नहीं रहना चाहते हैं। एक फेसबुक पोस्ट में बैशाखी बनर्जी ने कहा, टिकट नहीं मिलने की वजह से उन्होंने अपमानित महसूस किया और कहा कि षड्यंत्र और विश्वासघात लंबे समय तक नहीं चलेगा।