दरअसल, यह मामला बंगाल की विधानसभा सीट नंबर 177 के सेक्टर 17 में हुआ, जहां ग्रामीणों ने टीएमसी के नेता गौतम घोष के घर से ईवीएम व चार वीवीपैट की मशीनों को बरामद किया। शुरुआती जांच में चुनाव आयोग ने पाया है कि सेक्टर अधिकारी तपन सरकार रिजर्व ईवीएम और वीवीपैट के साथ अपने सेक्टर में मौजूद थे। मतदान से एक रात पहले वो रात में अपने रिश्तेदार के घर जाकर सोए, तब मशीनें अपने साथ ही ले गए। ये रिश्तेदार कोई और नहीं, टीएमसी के नेता ही थे। यहीं नहीं, आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर अधिकारी तपन सरकार के साथ-साथ पुलिस की पूरी टुकड़ी को भी निलंबित कर दिया है।
बंगाल में वोटिंग से पहले हिंसा हुई है। दक्षिण 24 परगना के कैनिंग वेस्ट विधानसभा इलाके में भाजपा कार्यकर्ता की पिटाई की खबर आई तो हुगली में भाजपा समर्थक की पत्नी की हत्या कर दी गई। इसका आरोप टीएमसी पर लगा है। उधर, दुर्गापुर के कैनिंग पूर्व में आईएसएफ और टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। वहीं भाजपा ने राईदिघी विधानसभा इलाके में टीएमसी परर पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाया है।
दक्षिण 24 परगना की डायमंड हार्बर सीट से भाजपा उम्मीदवार दीपर हलदर ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के गुंडे दगीरा बादुलदंगा में लोगों को वोट नहीं डालने दे रहे। इस मामले में हलदर ने चुनाव आयोग से शिकायत की है।