पीएम मोदी इस दौरे में सुगंधा शक्तिपीठ और ओरकांडी मंदिर सरीखे धार्मिक स्थल भी जाएंगे। बरीसाल जिले में सुगंधा शक्तिपीठ को 51 शक्तिपीठ में से ये एक माना गया है। ये हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ केंद्र है। ओरकांडी मंदिर मतुआ महासंघ के संस्थापक हरिचंद्र ठाकुर की है, जिन्हें मानने वालों की बड़ी तादाद पश्चिम बंगाल में रहती है। बांग्लादेश में पीएम मोदी जिस वक्त मंदिरों में सिर झुका रहे होंगे, उसी समय पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग हो रही होगी। जी हां, 27 मार्च यानी शनिवार को बंगला में 30 सीटों पर मतदान होगा। प्रधानमंत्री मोदी कुसतिया में रविंद्र कुटी बारी भी जा सकते हैं। बंगाल के मतुआ समुदाय के लोग हरिचंद्र ठाकुर को भगवान का अवतार मानते हैं। ऐसे पीएम मोदी बंग्लादेश की जमीन से मतुआ समुदाय के हरिचंद्र ठाकुर की जन्मस्थली और उनकी मंदिर जाकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कवायद करेंगे।
दरअसल, बांग्लादेश की आजादी से पहले वहां की बड़ी आबादी पश्चिम बंगाल आ गई थी। इसमें मतुआ समुदाय शामिल है। बंगाल में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। ये राज्य की कुल अनुसूचित जाति का पांचवां हिस्सा है। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक बंगाल में अनुसूचित जाति की 23.51 फीसदी है। राज्य में 294 विधानसभा सीटों में से 21 सीटों पर मतुआ मतदाताओं को अच्छा प्रभाव है। साल 1947 के बाद जब लोग आए तो वह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और नदिया में आ कर बसे।
बता दें कि बंगाल में 294 सीटों के लिए आठ चरणों में वोटिंग होगी। 27 मार्च को पहले चरण के लिए मतदान होंगे। पहले चरण में 30 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल को होगा, इसके तहत 30 सीटों पर लोग वोट डालेंगे। तीसरे चरण की वोटिंग के लिए 6 अप्रैल का दिन तय किया गया है, जहां 31 सीटों पर लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, 10 अप्रैल को चौथे चरण में 44 सीटों पर वोटिंग होगी। पांचवें चरण का चुनाव 17 अप्रैल को होगा, जहां 45 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा 22 अप्रैल को छठे चरण में 41 सीटों, 26 अप्रैल को सातवें चरण के तहत 36 सीटों तो वहीं आखिरी और आठवें चरण में 35 सीटों पर वोटिंग होगी। दो मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।