पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भेजे गए नोटिस के बाद नोबेल विजेता अमर्त्य सेना का नाम चर्चा में आ गया था। दस्तावेजों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने उनका नाम संशोधित मतदाता सूची में शामिल कर लिया, जिससे विवाद पर विराम लगा।
पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसका एक कारण चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तेज होती तैयारी है। दो दूसरा बड़ा कारण राज्य में चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) है। इसी बीच अब खबर सामने आ रही है कि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का नाम पश्चिम बंगाल की संशोधित मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।
सुनवाई के दौरान अधिकारियों को दस्तावेज दिए गए, उनमें शामिल है।
साल 2002 की मतदाता सूची की प्रति
अमर्त्य सेन का पासपोर्ट
आधार कार्ड
उनकी माता अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र
इन दस्तावेजों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने उनका नाम अंतिम सूची में शामिल कर लिया। हालांकि, सूची में उनकी स्थिति ‘अनिवासी भारतीय’ (एनआरआई) के रूप में दर्ज की गई है।
परिवार में थी चिंता
वहीं परिवार के एक करीबी मित्र के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद से परिवार में यह चिंता बनी हुई थी कि कहीं उनका नाम मतदाता सूची से हटा न दिया जाए। जरूरी कागज जमा करने के बावजूद अनिश्चितता बनी हुई थी। लेकिन जब अंतिम एसआईआर सूची प्रकाशित हुई और उसमें अमर्त्य सेन का नाम शामिल मिला, तो परिवार और करीबी लोगों ने राहत की सांस ली। परिवार के मित्र ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से अनावश्यक चिंता पैदा हुई थी।