टीएमसी नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय
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पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय के एक बयान से विवाद हो गया है। अपने बयान में शोभनदेब ने आरोप लगाया कि उत्तर 24 परगना में ईडी टीम पर हुए हमले की वजह जनाक्रोश का विस्फोट है। चट्टोपाध्याय के बयान से राज्य की सियासत गरमा गई है। भाजपा सांसद दिलीप घोष ने मंत्री के बयान से नाराजगी जताते हुए कहा कि बंगाल के लोगों को टीएमसी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना चाहिए।
'भविष्य में भी हो सकती हैं ऐसी घटनाएं'
पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि 'हमने राज्य में एक स्थान पर जनाक्रोश का विस्फोट देखा... भविष्य में भारत में अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटनाएं होंगी।' चट्टोपाध्याय ने यह भी दावा किया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने केंद्र में वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले शासन में कई करोड़ रुपये के घोटालों का खुलासा किया है, लेकिन पार्टी सिर्फ गैर-भाजपा शासित राज्यों में ही जांच एजेंसियां भेजती है।'
गौरतलब है कि बीते दिनों पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले के मामले में ईडी की टीम टीएमसी नेता शाहजहां शेख के ठिकानों पर छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान शाहजहां शेख अपने घर पर नहीं मिले। जब ईडी की टीम ने घर में घुसने की कोशिश की तो टीएमसी समर्थकों ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया। पथराव में ईडी के कई अधिकारी और केंद्रीय बलों के जवान घायल हुए थे। ईडी ने इस मामले में भी शाहजहां शेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शाहजहां शेख अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
भाजपा ने किया पलटवार
मंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को बचाने के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार को तुरंत सत्ता से उखाड़ फेंकना चाहिए। एक अन्य स्थानीय भाजपा नेता ने भी केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ टिप्पणी के लिए चट्टोपाध्याय की गिरफ्तारी की मांग की। वाम मोर्चा नेता सुजॉन चक्रवर्ती ने कहा कि चट्टोपाध्याय इस तरह के बयानों से राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।