पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल-ईरान संघर्ष के चलते हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइनों को लगातार तीसरे दिन भारी परिचालन बाधाओं का सामना करना पड़ा। इसके कारण सोमवार को देश के प्रमुख हवाई अड्डों से 357 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। विमानन मंत्रालय ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई परिचालन बाधाओं के चलते भारतीय एयरलाइनों ने सोमवार को 357 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं। यह लगातार तीसरा दिन है, जब उड़ानों पर असर पड़ा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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इन हवाई अड्डों से 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को देश के चार प्रमुख हवाई अड्डों दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू और चेन्नई से आने-जाने वाली 300 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में कई हवाई क्षेत्र आज भी बंद रहे।
विमानन मंत्रालय ने स्थिति पर क्या कहा?
विमानन मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, यात्रियों को राहत देने के लिए पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौजूदा हालात के कारण आज परिचालन के लिए तय 357 उड़ानें रद्द की गईं।
28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के चलते भारतीय एयरलाइनों ने तीन दिनों में विभिन्न गंतव्यों के लिए कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की हैं।
इंडिगो ने सोमवार को 163 से अधिक उड़ानें रद्द कीं। जबकि एअर इंडिया समूह (जिसमें एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं) ने 110 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं।
स्पाइसजेट ने कम से कम 20 उड़ानें रद्द कीं। वहीं, अकासा एयर ने आठ उड़ानों का संचालन नहीं किया।
एअर इंडिया ने सोमवार को उत्तर अमेरिका और यूरोप के लिए करीब 20 उड़ानों का संचालन किया। ये उड़ानें ओमान, सऊदी अरब और मिस्र के ऊपर से होते हुए लंबे मार्ग से यूरोप पहुंचीं।
इसी बीच, मुंबई और दिल्ली हवाई अड्डों पर क्रमश: 116 और 87 उड़ानें रद्द हुईं। बंगलूरू और चेन्नई हवाई अड्डों पर यह संख्या क्रमश: 72 और 28 रही।