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West Asia Tension: हालात पर भारत की पैनी नजर, सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ की अध्यक्षता में बनाई समिति

Fri, 27 Mar 2026 02:44 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष से उत्पन्न होने वाले मुद्दों की निगरानी के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है।
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भारत सरकार ने बनाई विशेष समिति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान-इस्राइल के बीच जंग जारी है। इसी बीच सरकार ने पश्चिम एशिया विवाद से पैदा होने वाले मामलों पर नजर रखने के लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की कर रहे हैं। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ दूसरे मंत्री भी सदस्य हैं।
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इस समिति के गठन से पहले संसद में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने एक इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप भी बनाया है, यह ग्रुप नियमित मिलता है और हमारे इंपोर्ट एक्सपोर्ट में आने वाली हर दिक्कत का आकलन करता है और यह ग्रुप आवश्यक समाधान पर भी निरंतर काम करता रहा है।

संसद में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, 'जैसे कोरोना के समय में अलग-अलग सेक्टर्स की चुनौतियों से निपटने के लिए एक्सपोर्ट्स और ऑफिसर्स के समूह बने थे, वैसे ही कल ही ऐसे सात नए  समूहों का भी गठन किया गया है। यह ग्रुप सप्लाई चैन, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर, गैस, महंगाई, ऐसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत कार्यवाही करने का काम करेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि इस साझा प्रयासों से हम परिस्थितियों का बेहतर सामना कर पाएंगे।'
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पश्चिम एशिया में गहराता जा रहा तनाव
पश्चिम एशिया की स्थिति की बात करें तो, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ शांति वार्ता की पहल करने के बावजूद संघर्ष जारी है। ईरान की ओर से किसी भी तरह की शांति वार्ता या किसी भी देश की मध्यस्थता स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

वहीं, इस्राइली रक्षा बलों ने कहा कि उन्होंने ईरान के यज्द में स्थित ईरानी शासन के मिसाइलों और समुद्री खदानों के उत्पादन के मुख्य केंद्र पर हमला किया है। आईडीएफ ने दावा किया कि इस केंद्र का उपयोग क्रूज प्लेटफॉर्म, पनडुब्बियों और हेलीकॉप्टरों से गतिशील और स्थिर समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए उन्नत मिसाइलों की योजना, विकास, संयोजन और भंडारण के लिए किया जाता था।
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