पश्चिम एशिया में इस्राइल विवाद के कारण उपजे संकट के बावजूद भारत में एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100% सप्लाई सुनिश्चित कर दी गई है। पेट्रोलियम और कपड़ा मंत्रालय ने बताया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है और 'पैनिक बाइंग' की जरूरत नहीं है। व्यापार को सुचारू रखने के लिए सरकार जेद्दा जैसे वैकल्पिक बंदरगाहों पर विचार कर रही है। आइए, जानते हैं मामले में सरकार ने क्या अपडेट दिया।
पश्चिम एशिया में इस्राइल और फलस्तीन से जुड़े मौजूदा संघर्ष ने पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और व्यापार पर गहरा असर डाला है। इस संकट के बीच भारत सरकार ने देशवासियों और व्यापारियों को एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाल सागर और पश्चिम एशिया के इस भारी विवाद के बावजूद भारत में एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की कोई किल्लत नहीं होगी। इसके साथ ही, भारत के व्यापार को रुकने से बचाने के लिए सरकार सऊदी अरब के जेद्दा जैसे वैकल्पिक बंदरगाहों के इस्तेमाल पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
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पेट्रोलियम मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय ने साझा रूप से इस पूरे मामले पर देश को अहम अपडेट दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा और कपड़ा मंत्रालय के व्यापार सलाहकार बिपिन मेनन ने साफ किया है कि भारत ने आयात प्रभावित होने के बावजूद अपनी घरेलू गैस सप्लाई को 100 प्रतिशत सुरक्षित कर लिया है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह में आकर घबराहट में गैस या पेट्रोल की ज्यादा खरीदारी न करें। माल ढुलाई के लिए नए रास्तों की तलाश तेज कर दी गई है ताकि देश के निर्यातकों को कोई आर्थिक नुकसान न हो।