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West Asia Crisis: ऊर्जा संकट के बीच अमेरिकी एलपीजी जहाज मंगलूरू पोर्ट पहुंचा, आपूर्ति में भारत को बड़ी राहत

Sun, 22 Mar 2026 03:17 PM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच अमेरिका का एलपीजी जहाज पिक्सिस पायनियर रविवार को न्यू मंगलूरू पोर्ट पहुंचा। 14 फरवरी को टेक्सास से रवाना यह जहाज 16,714 मीट्रिक टन गैस लेकर आया। अधिकारी कहते हैं कि यह आपूर्ति घरेलू स्टॉक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 

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अमेरिकी एलपीजी कार्गो जहाज पिक्सिस पायनियर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में पिछले 23 दिनों से जारी संघर्ष का बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर देखने को मिल रहा है। इसी बढ़ते संकट के बीच अमेरिकी एलपीजी कार्गो जहाज पिक्सिस पायनियर रविवार को न्यू मंगलूरू पोर्ट पर पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि जहाज ने 14 फरवरी को टेक्सास के पोर्ट ऑफ नेदरलैंड से यात्रा शुरू की थी और इसमें 16714 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स में उतारा जाएगा।

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बता दें कि यह जहाज उस रूसी जहाज एक्वा टाइटन के ठीक एक दिन बाद पहुंचा, जो पहले चीन जा रहा था लेकिन कुछ दिन पहले भारत की तरफ मोड़ दिया गया। इसमें 7.7 लाख बैरल क्रूड ऑयल था, जिसे ऑफशोर पाइपलाइन के जरिए मंगलूरू रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) तक पहुंचाया जा रहा है। यह पाइपलाइन तट से 12 नॉटिकल मील दूर स्थित जेट्टी से जुड़ी है।
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मंगलूरू पोर्ट के बारे में जानिए

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मंगलूरू में भारत की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड एलपीजी स्टोरेज सुविधा भी है। यह स्टोरेज समुद्र तल से 225 मीटर नीचे स्थित है और इसकी क्षमता 80,000 मीट्रिक टन है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और रूस से लगातार आपूर्ति मिलने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और घरेलू एलपीजी स्टॉक को बनाए रखना आसान होगा। इस पूरी स्थिति से यह साफ होता है कि युद्ध और वैश्विक संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है।


 

 

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