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सर्दी का सितम : कश्मीर में जम गए झरने, दिल्ली की सर्दी ने तोड़ा 119 साल का रिकॉर्ड

Tue, 31 Dec 2019 12:19 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिसंबर में अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा सोमवार
  • घने कोहरे की चादर में लिपटी दिल्ली, 530 फ्लाइटें लेट, चार रद्द
  • राजधानी साढ़े सात घंटे लेट, 30 ट्रेनें भी देरी से पहुंचीं
  • प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर पहुंचा
  • न्यूनतम पारा 2.2 और अधिकतम 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा
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कश्मीर में जम गए झरने - फोटो : pti
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विस्तार
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उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हाड़ कंपाती ठंड का कहर जारी है। तो वहीं 17 दिनों से लगातार शीतलहर की चपेट में दिल्ली की सर्दी ने 119 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार को पूरे दिन अधिकतम पारा 9.5 डिग्री से ऊपर नहीं जा पाया। सुबह के वक्त लोदी रोड पर न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि आया नगर में 2.5, सफदरजंग में 2.6 और पालम में 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही घने कोहरे के कारण दिल्ली और एनसीआर में दृश्यता सीमा शून्य रही। पूरे दिन अधिकतम तापमान काफी कम होने के कारण आपातकाल की स्थिति बनी रही। शीतलहर के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।  दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 446 जबकि जबकि नोएडा में सर्वाधिक 464 रिकॉर्ड किया गया।

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मौसम विभाग ने रविवार को आठ राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया था। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भीषण सर्दी को लेकर चेतावनी जारी की गई। वहीं, उत्तर प्रदेश में ठंड से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। 



ट्रेन और विमान सेवाओं पर असर
घने कोहरे की वजह से सुबह से ही वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। इसका सर्वाधिक असर विमान और ट्रेन सेवाओं पर पड़ा। 530 फ्लाइटें देर रहीं, 20 विमानों के रूट परिवर्तित कर दिए गए जबकि चार फ्लाइटें 12.30 बजे से पहले ही रद्द कर दी गईं थीं। दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी साढ़े सात घंटे देरी से पहुंची तो विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित 30 अन्य ट्रेनों के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। 
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और जहरीली हुई हवा
मौसम विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य दिनों की अपेक्षा 50 फीसदी कम रहा। पिछले 119 वर्षों में दिसंबर का अब तक का सर्वाधिक ठंडा दिन सोमवार रहा। आया नगर में दिन के वक्त तापमान 7.8  डिग्री, रिज 8.4 डिग्री, पालम 9 डिग्री, लोधी रोड 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 22 वर्षों के दौरान दिसंबर में पहली बार दिल्ली का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के इर्द गिर्द होने के साथ साथ शीतलहर का कहर बरकरार है। कंपकंपाती सर्दी के साथ इस बार दिल्ली की हवा ने भी रुख बदल लिया। पिछले तीन दिनों से वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी के बाद सोमवार को हवा और भी जहरीली हो गई। एनसीआर के अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।

घरों में दुबके रहे लोग
अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम होने की वजह से अधिकतर लोग घरों में दुबके रहे। दफ्तर जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था चरमराने की वजह से जिंदगी की रफ्तार भी धीमी हो गई है। सड़कों पर घूमने वालों की संख्या काफी कम हो गई है, जिन्हें बेहद जरूरी काम था, वे पूरे इंतजाम के साथ बाहर निकले। 


दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सोमवार का न्यूनतम तापमान 3° सेल्सियस से भी कम दर्ज हुआ। 

दिल्ली  दोपहर का तापमान  सुबह का तापमान
पालम     9.0°c              2.9°c
आया नगर 7.8°c            2.5°c
सफदरजंग      9.4°c              2.6°c
लोधी रोड 9.2°c               2.2°c

 

आगे और भी खतरनाक मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, साल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश पड़ने की उम्मीद है जो 3 जनवरी तक जारी रह सकती है। नए साल की पूर्व संध्या पर यानी 31 दिसंबरदिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में हल्की बारिश के साथ ओले भी पड़ सकते हैं। हिमाचल में भी 31 दिसंबर को बर्फबारी के आसार हैं।

दिल्ली में तीन दिन पहले टूट चुका है  118 साल का रिकॉर्ड 
दिल्ली की सर्दी ने बीते 27 दिसंबर को 118 साल में दूसरे सबसे ठंडे दिसंबर का रिकॉर्ड तोड़ा। 1901 के बाद 1997 में सबसे सर्द दिसंबर था जब इस महीने का औसत अधिकतम तापमान (एमएमटी)17.3 डिग्री रहा था। मौसम विभाग के मुताबिक 1997 के बाद 27 दिसंबर इस माह का दूसरा सबसे कम औसत अधिकतम तापमान और दूसरा सबसे सर्द दिसंबर था। 

 

एक जनवरी तक बंद रहेंगे नोएडा व गाजियाबाद के सभी विद्यालय

दिल्ली एनसीआर में बढ़ती शीतलहरी के प्रकोप के मद्देनजर प्रशासन ने एक बार फिर कदम उठाए हैं। सोमवार को गौतम बुद्ध नगर जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने स्कूलों के बंद रहने के आदेश दिए। डीएम के आदेशानुसार आगामी दो दिनों यानी 31 दिसंबर 2019 और 1 जनवरी 2020 को जनपद के कक्षा नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।

वहीं गाजियाबाद जिलाधिकारी ने भी एक जनवरी तक सभी स्कूलों की कक्षा एक से 11वीं तक को बंद रखने के आदेश दिए हैं। कुछ स्कूलों में पूर्व से ही शीतकालीन अवकाश घोषित किए गए हैं। उनमें पहले से ही एक जनवरी तक छुट्टी है, लेकिन जिन स्कूलों में अवकाश नहीं घोषित कए गए थे, अब उनमें भी अगले दो दिनों तक छुट्टी रहेगी।

इसके साथ ही गाजियाबाद के जिन स्कूलों में बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर 10वीं और 12वीं की कक्षाएं चलेंगी, उनके लिए नई समय-सारिणी का भी निर्देश दिया गया है। यह दोनों कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक संचालित होंगी। सभी स्कूलों को उक्त आदेशों के कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। 



 

पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में 'रेड' अलर्ट

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, हरियाणा का हिसार और पंजाब का फरीदकोट सबसे ठंडे इलाके रहे। हिसार का तापमान पांच डिग्री से नीचे रहा। सबसे कम तापमान फरीदकोट का 2 डिग्री रहा। बठिंडा में तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ के न्यूनतम तापमान में माइनस 3 डिग्री गिरावट दर्ज की गई। रात में पारा गिरकर 2.9 डिग्री पहुंच गया। विशेष उल्लेखनीय है कि इस साल 17 दिसंबर से रोजाना ठंड को लेकर पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में बेरहम हुई ठंड, रविवार को 68 तो चार दिन में 228 लोगों की मौत

बर्फीली उत्तर-पश्चिम हवाओं के साथ शीतलहर ने प्रदेश का हाल बेहाल कर दिया है। बेरहम ठंड मे पिछले चार दिनों 228 लोगों की जान ले ली है। रविवार को प्रदेश में 68 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले शनिवार को 65, शुक्रवार को 48 और बृहस्पतिवार को 47 लोगों की ठंड के कारण जान चली गई थी। 

सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत कानपुर में हुई। वहीं, बुंदेलखंड व आसपास के इलाकों में 22 लोगों की मौत हुई। ठंड से पूर्वांचल में आठ और अवध में 6 लोगों की मौत हुई। अमरोहा में चार, अलीगढ़ व हाथरस में दो और रामपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर में ठंड ने एक-एक की जान ले ली।

राहत की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को गलन भरी ठंड ने बेहाल कर दिया। प्रदेश में दो डिग्री न्यूनतम पारे के साथ चुर्क (सोनभद्र), हमीरपुर, फतेहपुर, औरैया सबसे ठंडे शहर रहे। बहराइच में न्यूनतम पारा 3.2 डिग्री रहा तो अधिकतम तापमान भी 10 से कम 9.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, उरई का भी अधिकतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया।

प्रदेश में जारी शीतलहर के बीच रविवार को मेरठ, बांदा, उरई, कानपुर, झांसी, गाजीपुर, हरदोई, नजीबाबाद उन शहरों में रहे जहां न्यूनतम पारा 4 से 6 डिग्री के बीच दर्ज हुआ। जबकि सुल्तानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, फुर्सतगंज बरेली, झांसी, मेरठ, बस्ती, बलिया, चुर्क, कानपुर, इटावा, खीरी, हरदोई, शाहजहांपुर, नजीबाबाद, मुरादाबाद, हमीरपुर, आगरा अधिकतम तापमान 10 से 14 डिग्री केबीच दर्ज किया गया। प्रदेश में न्यूनतम पारे में सामान्य से दो से सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में यह गिरावट 6 से 13 डिग्री के बीच रही। लखनऊ में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री जबकि अधिकतम 13.5 डिग्री रहा।

गलन से राहत नहीं
मौसम विभाग ने प्रदेश में शीतलहर जारी रहने केसाथ गलन भरे दिन और घने कोहरे की चेतावनी बरकरार रखी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मंगलवार के बाद प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में बादलों की आवाजाही, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

कानपुर : 48 साल का रिकॉर्ड टूटा
कानपुर। ठंड ने कानपुर में इस सीजन में दिन के तापमान क 48 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले 1971 में अधिकतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।  हालांकि न्यूनतम पारा एक दिन पहले की अपेक्षा दो डिग्री बढ़कर 4.6 डिग्री पर आ गया। ठंड के चलते रोगियों के लिवर व गुर्दे फेल हो रहे हैं। सर्दी के रोगों के चलते रविवार को 21 और लोगों की मौत हो गई।

अवध में छह लोगों ने दम तोड़ा
शरीर को सुन्न कर देने वाली गलन और शीतलहर से अवध के जिलों में भी जनजीवन बेहाल रहा। हल्की धूप तो निकली पर ठंड से कोई राहत नहीं मिली। तराई के इलाकों जैसे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर में तो घना कोहरा फुहार जैसा बनकर गिरा। ठंड के चलते अयोध्या व बाराबंकी में दो-दो, सीतापुर व सुल्तानपुर में एक-एक की मौत हो गई।

किसान चिंतित
लगातार खराब हो रहे मौसम ने किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। किसानों का मानना है कि यदि बारिश होती है, तो इससे दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है।
 

उत्तराखंड : शीतलहर से पड़ रही खून जमाने वाली ठंड

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जहां धूप खिलने से ठंड से राहत मिली है तो वहीं मैदानी इलाके कोहरे के प्रकोप से कांप रहे हैं। यह तस्वीर चमोली की है। जहां सुबह की शुरुआत धूप से हुई और दोपहर बाद बादल छा गए।

आज सोमवार को पिथौरागढ़ में कुछ इस तरह धूप खिली। जिससे यहां के लोगों को ठंड से राहत मिली। हालांकि इन दिनों यहां रात में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। हरिद्वार में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी। धूप न निकलने से यहां लोग घरों में दुबके रहे। 

हिमाचल: आज घने कोहरे का येलो अलर्ट, कल से बारिश-बर्फबारी

हिमाचल में सोमवार को घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार से मौसम के बिगड़ने का पूर्वानुमान है। 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए नए साल के जश्न के लिए शिमला, मनाली, डलहौजी और धर्मशाला में सभी होटल पैक हो गए हैं।


मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के बाद हिमाचल में मंगलवार से मौसम बिगड़ेगा। 31 दिसंबर को मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। मध्य पर्वतीय और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर वर्षा और हिमपात होगा।

एक और दो जनवरी को प्रदेश के कई स्थानों पर वर्षा, गर्जना और हिमपात होगा। आज मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों के एक-दो स्थानों पर घना कोहरा और ठंडक बढ़ेगी। तीन और चार जनवरी को भी मध्य पर्वतीय और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा, हिमपात और गर्जना होगी। मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।
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जम्मू-कश्मीर: मौसम का मिजाज फिर बिगड़ने के आसार, बारिश और बर्फबारी की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रचंड शीत लहर के बीच कश्मीर घाटी में 31 दिसंबर से बारिश और बर्फबारी हो सकती है। बारिश और बर्फबारी का सिलसिला चार जनवरी तक जारी रह सकता है। इससे मैदानी क्षेत्रों के लोग एक बार फिर कड़ाके की ठंड की चपेट में आ जाएंगे।

इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, एक जनवरी को जम्मू व श्रीनगर के कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। दो जनवरी को कश्मीर के अधिकतर इलाकों में बर्फबारी और जम्मू में कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। तीन और चार जनवरी को भी यही सिलसिला जारी रहेगा।
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