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नौसेना में नहीं होगा फेसबुक का इस्तेमाल, जासूसी-हनी ट्रैप से बचने को लगाई पाबंदी

Tue, 31 Dec 2019 12:14 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • नौसेना ठिकानों, डॉकयार्ड व ऑन बोर्ड युद्धपोतों पर स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर भी रोक
  • पाक एजेंसी आईएसआई को सूचनाएं लीक करने में गिरफ्तार किए गए थे सात नौसैनिक
  • सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने और लीक होने से रोकने के लिए लिया गया फैसला
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भारतीय नौसेना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जासूसी और हनी ट्रैप के खुलासे के बाद नौसेना ने अपने अधिकारियों और जवानों के लिए फेसबुक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। यह जानकारी सोमवार को नौसेना सूत्रों ने दी। कुछ मीडिया खबरों में यह भी कहा गया है कि नौसेना के ठिकानों, डॉकयार्ड और ऑन-बोर्ड युद्धपोतों पर स्मार्ट फोन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। 

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बता दें कि हाल ही में भारतीय नौसेना के सात जवानों को नौसेना और पनडुब्बियों से संबंधित कई संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद नौसेना ने अपने अधिकारियों और कर्मियों को सोशल मीडिया से दूरी बनाने का फरमान जारी किया था।

सूत्रों ने बताया कि फेसबुक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का फैसला सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने और इन्हें दुश्मन देशों को लीक होने से बचाने के लिए लिया गया है। फेसबुक के प्रयोग पर रोक नौसेना के अधिकारियों, जवानों और कर्मियों पर लागू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि नौसेना के ठिकानों और जहाजों पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, और अन्य मैसेंजर ब्लॉगिंग, कंटेंट शेयरिंग, होस्टिंग समेत किसी भी सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म की इजाजत नहीं होगी। 
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इतना ही नहीं, ई-कॉमर्स वेबसाइट भी नहीं खोली जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से नौसेना अधिकारियों और कर्मियों को थोड़ी असुविधा होगी लेकिन यह व्यापक राष्ट्रीय हितों को देखते हुए उठाया गया है। नौसेना सूत्रों ने यह भी साफ किया कि नौसेना कर्मियों के लिए सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर कई दिशानिर्देश पहले से मौजूद हैं। 

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जासूसी रैकेट का हुआ था पर्दाफाश

आंध्र प्रदेश पुलिस ने नौसेना के साथ संयुक्त अभियान ‘डॉल्फिन्स नोज’ में 20 दिसंबर को पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े एक जासूसी रैकेट का पर्दाफाश किया था और इस सिलसिले में नौसेना के सात कर्मियों और एक हवाला संचालक को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां मुंबई, करवार और विशाखापट्टनम से पनडुब्बी और नौसेना के जहाजों की मूवमेंट की संवेदनशील जानकारियां लीक करने को लेकर की गई थी।

सोशल नेटवर्किंग साइट से हैंडलर के संपर्क में आए थे आरोपी

आरोपी सितंबर 2018 में सोशल नेटवर्किंग साइट से तीन-चार महिलाओं के संपर्क में आए। महिलाओं ने बाद में उनका परिचय पाकिस्तानी हैंडलर से व्यापारी के तौर पर करवाया, जिसने उनसे नौसेना की गोपनीय सूचना लेनी शुरू कर दी।
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