भारत के अधिकांश क्षेत्र इन दिनों देश गर्मी की मार झेल रहे हैं। लोग गर्मी से बेहाल हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी) की भविष्यवाणी कुछ क्षेत्र को राहत दे सकती है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि तीन दिनों के बाद उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत को गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं, आईएमडी का कहना है कि मानसून की शुरुआत के लिए अगले पांच दिनों में परिस्थितियां अनुकूल हो जाएंगी।
आईएमडी ने अनुमान जताया है कि मानसून के दौरान उत्तर-पूर्व भारत में समान्य से कम, उत्तर-पश्चिम भारत में समान्य तो वहीं, मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। देश भर में जून में सामान्य बारिश होने की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों के अलावा, जून में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की आशंका है।
गर्मी के कारण अकोला में धारा 144 लागू
वर्तमान में, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों समेत देश के मध्य और पूर्वी हिस्से में प्रचंड गर्मी है। नौतपा में देश का आधा हिस्सा तप रहा है। राजस्थान के फलौदी में बीते दिन पारा करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। देश के कई क्षेत्रों में पारा 45 से 48 डिग्री के बीच बना हुआ है। महाराष्ट्र के अकोला में स्थिति यहां तक आ गई कि जिला प्रशासन ने को धारा 144 लगानी पड़ी। गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। देशभर के अस्पतालों में लू लगने से बीमार होने वालों की संख्या में तेजी देखी गई है।
पहाड़ों पर भी गर्मी से निजात नहीं
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि राजस्थान, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में लू चल रही है। इन राज्यों में रात के समय भी अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग और हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी पारा 40 के ऊपर बना हुआ है और लू चल रही है। पहाड़ों पर भी पसीने छूट रहे हैं। कश्मीर के काजीगुंड में रविवार को 43, कोकरनाग में 22 और जम्मू संभाग के भद्रवाह में 23 साल बाद मई में दूसरा सबसे उच्चतम तापमान दर्ज किया गया है। प्रदेश के सभी पहाड़ों पर भी दिन का पारा सामान्य से 4 से 9 डिग्री ऊपर चल रहा है। जम्मू में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।