आने वाले दिनों में राहत या और परेशानी?
मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि 8 से 10 अप्रैल के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड) में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इससे कुछ हद तक गर्मी में राहत मिल सकती है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में इसका असर सीमित होगा।
राजस्थान, गुजरात और मध्य भारत में क्या हाल?
राजस्थान में आने वाले 4 से 5 दिनों तक भीषण लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने यहां के लिए भी चेतावनी जारी की है। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में 6 से 10 अप्रैल के बीच हीटवेव बने रहने की उम्मीद है, जिसमें 6 और 7 अप्रैल को स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। मध्य प्रदेश में 8 से 10 अप्रैल के बीच कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी दी गई है। वहीं, महाराष्ट्र में अगले 4 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद अगले 3 दिनों में थोड़ी राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित
उत्तर प्रदेश में अप्रैल से जून तक गर्मी का कहर ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इस बार यूपी में दिन का तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा। खासतौर पर बुंदेलखंड क्षेत्र, जिसमें झांसी और चित्रकूटधाम डिवीजन के सात जिले आते हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। लखनऊ में मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे गर्मी और ज्यादा झेलनी पड़ेगी। यह इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
सावधानी और सुझाव
- दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में जाने से बचें।
- हल्के और सूती कपड़े पहनें, शरीर को ढक कर रखें।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, शरीर में नमी बनाए रखें।
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ख्याल रखें।
- पशुओं के लिए भी छांव और पानी की व्यवस्था करें।
- बाहर निकलते समय छाता, टोपी या धूप के चश्मे का जरूर इस्तेमाल करें।
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देशभर के अन्य राज्यों में क्या हाल?
इन राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है:
- गुजरात (सौराष्ट्र-कच्छ): 6-10 अप्रैल तक हीटवेव, 6 और 7 अप्रैल को भीषण लू की संभावना
- हरियाणा और चंडीगढ़: 6-10 अप्रैल तक लू
- राजस्थान: 6-10 अप्रैल तक लू, 7-9 अप्रैल के बीच भीषण लू संभव
- पंजाब: 7-10 अप्रैल तक लू
- दिल्ली: 7 और 8 अप्रैल को हीटवेव
- पश्चिम उत्तर प्रदेश: 7-9 अप्रैल तक लू
- मध्य प्रदेश: 8-10 अप्रैल तक लू
- हिमाचल प्रदेश: 6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में हीटवेव
दक्षिण भारत में बारिश की संभावना
जहां उत्तर भारत तप रहा है, वहीं दक्षिण भारत में कुछ राहत की खबर है। मौसम विभाग ने कहा है कि तमिलनाडु, केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। 6 अप्रैल को चेन्नई और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु के कुछ जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
पूर्वी भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
पूर्वी भारत में 7 या 8 अप्रैल से गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अगले 6-7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के चलते निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिससे अंडमान क्षेत्र में तेज हवाएं (35–45 किमी प्रति घंटा, झोंकों के साथ 55 किमी प्रति घंटा तक) और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में क्या होगा?
एक नया पश्चिमी विक्षोभ 8 अप्रैल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 9 अप्रैल को बारिश, गरज-चमक और 30–40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 9 और 10 अप्रैल को हल्की बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी संभावना है।